मौत के 9 साल बाद फिर जिंदा होगा यह डकैत

ज्ञानेन्द्र शुक्ला, कानपुर (4 फरवरी): कभी पाठा के जंगलों मे आतंक का पर्याय रहे दस्यु सरगना ददुआ अपनी मौत के 9 सालों बाद फिर से जिंदा होने जा रहा है। जी हां, वही ददुआ जिसके खौफ की वजह से पुलिस तक कांपती थी, अब ददुआ की मौत के 9 सालों बाद उसकी मूर्ती मंदिर में लगने जा रही है, हनुमान जी के साथ।

ये वही मंदिर है जिसकी नींव खुद ददुआ ने रखी थी। मंदिर में ददुआ की मूर्ती की स्थापना 13 और 14 फरवरी के बीच कभी भी की जा सकती है। ददुआ की मूर्ती को मंदिर में स्थापित करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और इसके लिए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक को न्यौता भेजा गया है। ये मंदिर हनुमान जी का है। बताया जाता है कि इस मंदिर की नींव खुद ददुआ ने रखी थी और अपने जीते-जी भेष बदल-बदल कर ददुआ इस मंदिर में आता भी था। अब ददुआ के उसी मंदिर में उसकी मूर्ती लगवाने की तैयारी है। जयपुर में मूर्ती के कारीगरों को इसका ऑर्डर भी दिया जा चुका है और अब ददुआ की मूर्ती बनाने का काम आखिरी चरण में है।

मंदिर में सिर्फ ददुआ की ही मूर्ती नहीं लगेगी, बल्कि उसके पिता राम प्यारे सिंह और पत्नी सिया देवी की भी मूर्ती लगाई जाएगी। जिसके बाद विधिवत तीनों की पूजा भी की जाएगी और ये सब करवा रहे हैं ददुआ के छोटे भाई बाल कुमार जो कि समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद भी रह चुके हैं। पूर्व सांसद बाल कुमार के मुताबिक ददुआ की अहमियत इनके लिए भगवान से कम नहीं है, क्योंकि आज ये जो कुछ भी हैं ददुआ के नाम की वजह से है। बाल कुमार का ये भी तर्क है कि ददुआ की मूर्ती को मंदिर में लगाने के लिए काफी वक्त से क्षेत्र की जनता भी मांग कर रही थी।

मंदिर में होने वाले कार्यक्रम में चित्रकूट और प्रयाग के कई संतों को आमंत्रित किया गया है। मंदिर में मूर्ति स्थापित किए जाने के बाद विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस भण्डारे मे एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। बीहड़ में आतंक का दूसरा नाम रहे ददुआ का पूरा परिवार समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। खुद ददुआ का बेटा वीर सिंह करवी से समाजवादी पार्टी का विधायक है, जबकि ददुआ का भतीजा प्रतापगढ़ की पट्टी विधानसभा से विधायक है। ददुआ को यूपी पुलिस ने एक मुखबिर की सूचना पर 22 जुलाई 2007 को मार गिराया था।

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