सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद दाल की कीमतों में नहीं हो रही कमी

नई दिल्ली ( 19 अक्टूबर ) : दाल की बढ़ी कीमतें कम होने का नाम ले रही हैं। दाल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के दाल पर नियंत्रण कानून प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के लिए वापस राज्य सरकार के पास भेज दिया है। अरहर दाल और चना दाल 150 रूपये प्रतिकिलो तो उड़द दाल की कीमत 180 रूपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है। एक तऱफ दाल की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ उसे नियंत्रित करने के लिए लाया गया कानून भी लटक गया। इस परिस्थितिको लाभ निश्चित तौर पर जमाखोंरों को मिलेगा।

दाल की कीमतों पर कैसे नियंत्रण पाया जाए इसे लेकर सरकार ने हाल के दिनों कई सारे फैसले लिए, लेकिन उसका दाल कीमतों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। इसलिये दाल की कीमत  को नियंत्रण में कैसे लाया जाये, सरकार इसको लेकर चिंतित है।       

केन्द्र की सहायता से करीब 700 मेट्रिक टन चना दाल खुदरा बाजार में लाकर दाल दर कम करने की राज्य सरकार की कोशिश रहेगी। यब अच्छी बात है, लेकिन यह सब कुछ दीवाली से पहले ही होना चाहिए, तभी इसका फायदा आम आदमी को मिलेगा।

दाल कीमतों को लेकर संसद में भी कई बार सरकार पर विपक्षी पार्टियों ने हमला बोला। सरकार के तमाम फैसलों के बावजूद दाल की कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।