गुजरात में धीमा पड़ सकता है 'वायु', सौराष्ट्र के समुद्री इलाके से गुजरेगा तूफान, हर हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी

cyclone vayu

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून): वायु तूफान का खतरा अभी भी बरकरार है, हालांकि मौसम विभाग ने कहा कि वायु तूफान अब गुजरात के तट से नहीं टकराएगा। ये सौराष्ट्र होते हुए आगे निकल जाएगा। हालांकि तूफान से पहले समंदर में ऊंची-ऊंची लहरे उठ रही हैं। तूफानी हवाएं चल रही हैं। तूफान का खतरा भले ही कम हुआ है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से मुश्तैद है। NDRF, SDRF, सेना के साथ-साथ 9 हेलिकॉप्टर तैनात हैं। करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ समंदर का पानी माधोपुर के समंदर तट पर बसे मछुआरों के कई गांवों में पानी घुस गया है। एनडीआरएफ,  पुलिस और सेना ने राहत बचाव का काम शुरू भी कर दिया है।

cyclone vayuगुजरात तट की ओर बढ़ रहे चक्रवात 'वायु' पर थोड़ी राहत की खबर है। 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहे इस तूफान ने गुरुवार सुबह अपनी दिशा थोड़ी बदली है। गुजरात तट से पहले यह तूफा वापस समुद्र की ओर मुड़ गया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अब इस तूफान के गुजरात में घुसने की संभावना नहीं है। हालांकि तूफान के मद्देनजर तैयारियां पूरी हैं। करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

मौसग विभाग के मुताबिक वायु तूफान के अब गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। भारतीय मौसग विभाग के वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती के मुताबिक यह तूफान अब पोरबंदर, द्वारका के आसपास से होकर निकल जाएगा। हालांकि गुजरात के तटीय इलाकों में इसका असर दिखेगा और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। जानकारी के मुताबिक सोमनाथ मंद‍िर इस तूफान की चपेट में है। तूफान की वजह से 155 फीट ऊंचे मंद‍िर के श‍िखर तक समंदर की लहरें उछाल मार रही हैं। इस वजह से मंद‍िर का गेट भी ध्वस्त हो गया है।

गौरतलब है क‍ि चक्रवाती तूफान 'वायु' गुरुवार को गुजरात में तबाही मचाने वाला था लेक‍िन बुधवार शाम को चक्रवात का रास्ता बदल जाने के कारण अब इसका असर गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में ही होने के आसार द‍िखाई दे रहे हैं। इससे पहले चक्रवाती तूफान से न‍िपटने से पहले  500 गांवों के तीन लाख लोगों को सुरक्ष‍ित स्थानों पर पहुंचाया गया। इन्हें 2 हजार जगहों पर रखा गया इनमें से करीब दस हजार टूर‍िस्ट भी थे। ये टूर‍िस्ट पोरबंदर, द्वारका और सोमनाथ में फंसे हुए थे।