ना हों परेशान, जल्द दूर होगी कैश की किल्लत

नई दिल्ली (20 दिसंबर): नोटबंदी का आज 42वां दिन है। देशभर में अब भी कैश की भारी क्राइसिस है। लोग पैसे निकालने के लिए बैंक और एटीएम को बाहर घंटों खड़े रहने के लिए मजबूर है। वहीं खबर आ रही है दिसंबर के अंत तक हालात में थोड़ा सुधार हो जाएगा। SBI रिसर्च की रिपोर्ट इकोरैप के मुताबिक बंद हुए कुल नोटों का करीब 50 फीसदी हिस्सा दिसंबर अंत तक और 75 फीसदी हिस्सा वापस बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आएगा। अगर इसके बाद भी कैश की किल्लत रही तो फरबरी में बैंकिंग प्रणाली में 78 से 88 फीसदी तक कैश लौट आएगा।

ऐसे में अगले दो महीने में स्थिति सामान्य होने के काफी करीब पहुंच जाएगी। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और गुजरात जैसे अधिक कृषि निर्भरता वाले राज्य नकदी संकट की इस अवधि में अधिक परेशानी का सामना कर सकते हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद कुल करेंसी में छोटे नोटों का प्रतिशत बढ़कर सात प्रतिशत हो गया है। इसमें कहा गया है कि क्षेत्रवार बात की जाए तो नकदी की दृष्टि से कृषि क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। यह क्षेत्र धीरे-धीरे ही इलेक्ट्रानिक लेनदेन के तौर तरीके अपनायेगा।