मैक्स अस्पताल ने जिंदा बच्चे को बताया था मृत, मांगे थे 50 लाख रुपए

नई दिल्ली ( 3 दिसंबर ): दिल्ली के मैक्स अस्पताल में जिंदा नवजात को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने को लेकर पुलिस ने शनिवार को ही जांच शुरू कर दी है, लेकिन परिवार ने अस्पताल पर नए आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। बच्चों के पिता 26 वर्षीय आशीष का आरोप है कि बच्चे को अस्पताल में रखे जाने का 50 लाख रुपयों का खर्च बताया गया। 

गौरतलब है कि दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में  30 नवंबर को जुड़वा जन्मे बच्चों में से एक को मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले परिवार ने एक बच्चे को जीवित पाया। 

अपनी शिकायत में आशीष ने बताया कि मैक्स अस्पताल ने उनकी 6 महीने की गर्भवती पत्नी वर्षा के जुड़वां गर्भस्थ शिशुओं के बचने की 10-15 प्रतिशत ही संभावना बताई थी और कहा 35,000 रुपये की कीमत के 3 इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी थी ताकि गर्भ के बचने की संभावना को बढ़ाया जा सके।   इंजेक्शन लगाए जाने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि शिशुओं के बचने की संभावना 30 फीसदी तक पहुंच गई है। आशीष ने यह आरोप भी लगाया कि बच्चों को खतरे से बाहर लाने के लिए नर्सरी में रखा जाएगा जिसपर 50 लाख रुपए तक का खर्च आएगा। 

आशीष द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, 'मैक्स अस्पताल ने शिशुओं के इलाज में लापरवाही बरती, इलाज ठीक से नहीं किया गया। एक बच्चा जिंदा था फिर भी उसे मृत बताकर पार्सल बनाकर हमें सौप दिया गया।'  जिंदा नवजात को पीतमपुरा के अग्रवाल अस्पताल में ऐडमिट कराया गया है, उसकी हालत में अभी कोई सुधार नहीं हुआ है। 

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि मैक्स अस्पताल के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। जैन ने कहा, 'जब हमें अस्पताल की लापरवाही के बारे में पता चला तो हमने इसकी जांच के आदेश दिए। मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यदि वे सही ढंग से काम नहीं करेंगे तो हम अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर देंगे।'