दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फैलाने पर अब होगी आपराधिक कार्रवाई

                                                                                          Photo: Google    

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 अक्टूबर): दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा की लगातार खराब होती गुणवत्ता को ठीक करने के लिए सरकार अब सख्त रूख अपनाते हुए वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुझाव पर यह फैसला किया गया है।     

बैठक में सीपीसीबी के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के अलावा एनसीआर के चार शहरों नोएडा, गजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में पिछले एक महीने में स्थिति को सुधारने के लिए किए गए उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं।     

उन्होंने कहा कि अब सीपीसीबी के 41 के बजाय 50 निगरानी दल सप्ताह में दो दिन के बजाय कम से कम पाँच दिन इन शहरों में औचक निरीक्षण निरीक्षण करेंगे। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। 

दिल्ली की वायु गुणवत्ता अब भी बेहद खराब दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चौथे दिन बेहद खराब रही जहां राष्ट्रीय राजधानी के पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर दर्ज किया गया। वहीं अधिकारियों ने चेताया है कि त्योहारों में पटाखे फोड़े जाने और पराली जलाने के कारण अगले हफ्ते स्थिति और खराब हो सकती है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 341 दर्ज किया। इस मौसम का सबसे अधिक एक्यूआई - 361 शुक्रवार को दर्ज किया गया था। शनिवार को दिल्ली के पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर दर्ज किया गया। ये इलाके आनंद विहार, द्वारका सेक्टर-8, नरेला, पंजाबी बाग और रोहिणी हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सबसे अधिक प्रदूषण स्तर 434 पंजाबी बाग में दर्ज किया गया।

बता दें कि 0 से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’ श्रेणी का, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई ‘गंभीर’ माना जाता है। सीपीसीबी नीत कार्यबल ने दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता के और खराब होने का अनुमान लगाते हुए एक नवंबर से 10 नवंबर तक कड़े कदम उठाने की अनुशंसा की है।