विकास दुबे के लेखपाल भांजे को जिलाधिकारी ने हटाया, भूमाफिया से सांठगांठ की मिली सैंकड़ों शिकायतें

उत्तरप्रदेश के कानपुर जिले के बिधनू इलाके में गलत तरीके से जमीन का दाखिल खारिज करने के मामले में एक लेखपाल पर जिलाधिकारी विशाख जी ने कार्रवाई की। लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। इससे पहले एक रियल एस्टेट कंपनी के संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे भूमाफिया घोषित किया जा चुका है।

विकास दुबे के लेखपाल भांजे को जिलाधिकारी ने हटाया, भूमाफिया से सांठगांठ की मिली सैंकड़ों शिकायतें
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कानपुरः उत्तरप्रदेश के कानपुर जिले के बिधनू इलाके में गलत तरीके से जमीन का दाखिल खारिज करने के मामले में एक लेखपाल पर जिलाधिकारी विशाख जी ने कार्रवाई की। लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। इससे पहले एक रियल एस्टेट कंपनी के संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे भूमाफिया घोषित किया जा चुका है। आपको बता दें कि जिस लेखपाल ऋषभ दुबे पर कार्रवाई हुई है वह कुख्यात विकास दुबे का मूंह बोला भांजा है। उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सैंकड़ों शिकायतों की जांच में दोषी पाया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर उसे सस्पेंड किया गया है।





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बिधनू के बिनगवां गांव में रियल एस्टेट कंपनी वीएसीएल ने आरसी जमीन पर लोगों को रजिस्ट्री कर दी और सीलिंग की आठ जमीनों पर कब्जा करा दिया। आरोप है कि इसमें लेखपाल ने भी कंपनी का साथ दिया था। इसके बाद बिनगवां के रहने वाले 277 लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी। वहीं रियल एस्टेट कंपनी के संचालक बृजेंद्र सिंह को भी जेल भेजा था और भूमाफिया घोषित करने की कार्रवाई की थी। एसडीएम सदर की जांच रिपोर्ट में कुछ दाखिल खारिज फर्जी पाए गए। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिस पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने लेखपाल ऋषभ दुबे को दोषी पाया और सस्पेंड करने के आदेश दिए। 


प्रधान हुए थे लामबंद, डीएम से मिले

बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के मुंह बोले लेखपाल भांजे को मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप में भौसाना से हटा दिया गया है। उसे बिल्हौर तहसील में संबद्ध किया गया है। आपको बता दें कि मंगलवार दोपहर को बिकरू की प्रधान मधु, कीरतपुर के मुकेश कुमार और भौसाना की गीता जिलाधिकारी विशाख जी से मिले थे। मामले में एसडीएम बिल्हौर आकांक्षा गौतम ने बताया कि लेखपाल ऋषभ दुबे विकास दुबे को मामा कहता था। लेखपाल को बिल्हौर तहसील से अटैच कर दिया गया है। उसकी जगह पर दूसरे लेखपाल बीरबली को तैनात किया गया है।








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