इस गांव में 34 साल से नहीं हुई कोई FIR

नई दिल्ली (24 मई): शायद ही दुनिया में कोई ऐसा शहर या गांव होगा, जहां पर अपराध ना होता हो लेकिन एक राजस्थान के श्रीगंगानगर एक गांव में थानाधिकारी विकास बिश्रोई जब मय जाब्ते ग्रामीणों की बैठक लेने गांव में पहुंचे तो गांव में पुलिस को देखकर ग्रामीण हैरान हुए।

भूतपूर्व सरपंच बंजारासिंह ने बताया कि चक 42 पीएस में कभी पुलिस को आने की नौबत ही नहीं आई। ग्रामीण आपस में सौहार्दपूर्ण वातावरण में जीवनयापन करते है। छोटे-मोटे विवाद अलबत्ता कभी हुए ही नहीं, हुए तो गांव में ही मौजिज लोगों की पंचायत बैठाकर सुलझा लिए जाते है।

समेजा थाना क्षेत्र के इस गांव में अंतिम मुकदमा 1982 में मारपीट के आरोप में दर्ज किया गया था। इसमें भी बाद में दोनों पक्षों में आपसी राजीनामा हो गया था। इसके बाद से ग्रामीणों में आज तक किसी प्रकार की कोई तूं-तूं मैं-मैं की नौबत नहीं आई। हालांकि भारत पाक सीमा पर अवस्थित अधिकांश गांव हथकढ़ शराब के गढ़ माने जाते है लेकिन इन सबके बीच अपराध मुक्त गांव का होना अपने आप में बड़ी बात है।

इसी गांव के आसपास 43 पीएस व 44 पीएस जैसे गांव है जो अपराधों के लिए जाने जाते है। अपराधमुक्त गांव घोषित होने पर गांव को विकास के लिए अतिरिक्त बजट मिलेगा, गांव में पिछले 34 सालों में कोई मुकदमा नहीं हुआ है, यह खुशी की बात है।