सचिन के बल्ले से बना था क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक, जानिए ऐसी ही रोचक बातें

नई दिल्ली(18 फरवरी): आपने क्रिकेट के मैदान पर कई रिकॉर्ड बनते और टूटते देखें होंगे। कई ऐसे मैच होते जो किसी ना किसी कारण से यादगार बन जाते हैं। चाहे वो दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 100वां शतक हो या अनिल कुंबले का कोटला मैदान पर 10 विकेट। ऐसे कई मैच और लम्हे हैं जो आज भी क्रिकेट फैंस के बीच लोकप्रिय हैं। लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं उसके बारे में कम ही लोग को पता होगा। 

- पाकिस्तान के विस्फोटक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी के 37 गेंदों पर बनाए 100 रन को कौन भूल सकता है। लेकिन क्या आपको पता है ये 100 रन किसके बल्ले से निकले थे। ये रन अफरीदी ने सचिन के बल्ले से बनाए थे। 1996 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अफरीदी के पास बल्लेबाजी के लिए सही बल्ला नहीं था। तब वकार यूनुस ने अफरीदी को सचिन तेंदुलकर का बल्ला दिया। जो बल्ला सचिन ने वकार को तोहफे के तौर पर दिया था। सचिन के बल्ले से श्रीलंका के खिलाफ 37 गेंद पर अफरीदी ने 11 छक्के और 6 चौके की मदद से वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक जड़ा।

- पाकिस्तान की टीम में सचिन तेंदुलकर- शायद की किसी ने सोचा होगा कि क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ मुकाबला खेला होगा। 1987 वर्ल्ड कप कप के दौरान एक अभ्यास मैच के दौरान तेंदुलकर ने पाकिस्तान की तरफ से फिल्डिंग की थी और वो भी भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेलने से पहले।

-1877 में मार्च के महीने में जब मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट इतिहास का पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला गया और उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से जीत दर्ज की।  पहले टेस्ट की याद के जश्न में ठीक सौ साल बाद यानी मार्च, 1977 में उसी मैदान पर उन्हीं दोनों टीमों के बीच मैच टेस्ट मैच खेला गया और ये मैच भी ऑस्ट्रेलिया ने जीता और जीत का अंतर भी 100 साल पुराने वाले मैच का यानी जितना यानी 45 रन।

- विनोद कांबली से पीछे सचिन- यूं तो सचिन तेंदुलकर के बल्ले से ना जाने कितने रिकॉर्ड बने हैं, लेकिन तमाम रिकॉर्ड के बाद सचिन अपने बचपन के दोस्त विनोद कांबली को एक मामले में पीछे छोड़ नहीं पाए। 17 टेस्ट मैच में कांबली का औसत 54.20 का रहा था, लेकिन सचिन का औसत 53.78 का ही रहा।