दिल्ली टेस्ट: 'उल्टी कर रहे थे हमारे खिलाड़ी'

नई दिल्ली(3 दिसंबर): भारत के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन यहां प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए श्रीलंका के कोच निक पोथास ने कहा कि उन्हें और उनके खिलाड़ियों ने इससे पहले कभी इस तरह की स्थिति का सामना नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनके कुछ खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

- पोथास ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददातों से कहा, 'यह किसी से छिपा नहीं है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है और एक समय यह काफी बढ़ गया था। हमारा एक खिलाड़ी मैदान से उलटी करते हुए बाहर आया। ड्रेसिंग रूम में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया था।'

-  उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों के लिए इस तरह परेशानी में खेलना सामान्य नहीं है। हमारे लिए यह बिलकुल नई चीज थी। सभी मैच अधिकारी, रैफरी स्थिति से काफी अच्छी तरह निपटे। जब आपको ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जो सभी के लिए नई हो तो फैसला करना आसान नहीं होगा। यह मेरा काम है कि हमारे खिलाड़ी सुरक्षित रहें और हमने ऐसा ही करने का प्रयास किया।' 

- बार-बार खेल रुकने पर उन्होंने कहा, 'हमें पहली बार इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। हम कभी खेल रोकना नहीं चाहते थे। हम तो सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्टता चाहते थे। तेज गेंदबाजों को काफी परेशानी हो रही थी और जब यह लगा कि खिलाड़ियों के लिए स्थिति सुरक्षित नहीं है तो अंपायरों के साथ चर्चा शुरू हुई। खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च है।' 

- पोथास ने बताया कि तेज गेंदबाजों सुरंगा लकमल और लाहिरु गमागे को इस स्थिति के कारण काफी परेशानी हो रही थी। कोच ने कहा, 'तेज गेंदबाजों सुरंगा लकमल और लाहिरु गमागे को काफी परेशानी हो रही थी। मैच रैफरी डेविड बून और डॉक्टर हमारे ड्रेसिंग रूम में थे। दोनों खिलाड़ी उल्टी कर रहे थे। धनंजय डिसिल्वा भी उल्टी कर रहा थे। यह मुश्किल स्थिति थी।' 

- पोथास से जब यह पूछा गया कि जब वह मैदान पर गए तो उनकी कप्तान दिनेश चंडीमल से क्या बात हुई। उन्होंने कहा, 'कप्तान मुझसे बात करना चाहते थे क्योंकि एक समय मैदान पर हमारे सिर्फ 10 खिलाड़ी थे। मैंने चंडीमल से बात की। अंपायरों की स्थिति भी काफी जटिल थी। दुर्भाग्य की बात है कि प्रदूषण को लेकर कोई नियम नहीं है।'