वीरेंद्र सहवाग बोले, ओलिंपिक खेल बनने के लिए क्रिकेट का और विस्तार करना होगा

नई दिल्ली ( 22 नवंबर ):  भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने कहा कि क्रिकेट तभी ओलिंपिक खेल बन सकता है जब यह खेल और ज्यादा देशों में खेला जाए। 

सहवाग ने सेंट मौरिट्ज आईस क्रिकेट के लॉन्च के मौके पर कहा, 'मुझे लगता है इस पर आईसीसी को फैसला करना है। उन्हें ज्यादा देशों को क्रिकेट से जोड़ना चाहिए ताकि यह ओलिंपिक का हिस्सा हो सके। 12 देश (पूर्ण सदस्य) काफी नहीं हैं। इसका एक तरीका यह है कि इस खेल को वैसे जगहों पर ले जाया जाए जहां इसे नहीं खेला जाता है।' फरवरी में ऐसे ही आईस क्रिकेट के मुकाबले में स्विट्जरलैंड में सहवाग पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने, शोएब अख्तर, डेनियल विटोरी, मोहम्मद कैफ और ग्रीम स्मिथ के साथ क्रिकेट खेलेंगे। 

सहवाग ने कहा, 'यह वाकई में शानदार होगा अगर हम वहां किसी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित कर सके। स्विट्जरलैंड हालांकि आईसीसी का सदस्य नहीं है लेकिन विंटर ओलिंपिक की दो बार मेजबानी करने वाले सेंट मौरिट्ज में आठ और नौ फरवरी को आईस क्रिकेट खेला जायेगा। आयोजको ने दावा किया कि इस प्रतियोगिता को आईसीसी से मान्यता मिली है। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ (आईसीसी) के मौजूदा सदस्यों की संख्या 105 हैं लेकिन सिर्फ 12 देश इसके पूर्ण सदस्य हैं। आईसीसी की कोशिश है कि 2024 तक क्रिकेट को ओलिंपिक खेलों में शामिल किया जाए। क्रिकेट सिर्फ एक बार 1900 में ओलिंपिक खेल का हिस्सा रहा है।