हार्दिक पंड्या-केएल राहुल पर लगा बैन हटा, जांच अभी भी जारी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी:  'कॉफी विद करण' के दौरान महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने वाले टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और बल्लेबाज केएल राहुल पर प्रशासकों की समिति ने अस्थायी निलंबन हटाया है। इस फैसले के बाद अब पंड्या भारतीय टीम के साथ न्यूजीलैंड दौरे पर जुड़ सकते हैं। प्रशासकों की समिति ने इन दोनों खिलाड़ियों को जांच होने तक राहत दी है। राहुल और पंड्या का मामला सुप्रीम कोर्ट के पास है, जिसमें लोकपाल की नियुक्ति में देरी होने के कारण ऐसा फैसला लिया गया है।

बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा, 'किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी पर सभी तरह के आरोप का मामला सुनने के लिए बीसीसीआई के लोकपाल की जरूरत होती है, लेकिन लोकपाल की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट द्वारा लंबित है। इसलिए प्रशासकों की समिति (COA) का मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों पर जो अंतरिम प्रतिबंध लगाया गया था, उसे तुरंत प्रभाव से हटाया जाए।' इस विवाद के चलते ही इन दोनों खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही बुला लिया गया था।

बीसीसीआई द्वारा जारी सीओए के बयान में कहा गया है, ‘उपरोक्त फैसला न्यायमित्र पी एस नरसिम्हा की सहमति से लिया गया है। उपरोक्त को देखते हुए 11 जनवरी के निलंबन आदेशों को लोकपाल की नियुक्ति और उनके द्वारा फैसला लिए जाने तक तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है।’ पंड्या के अब न्यूजीलैंड दौरे में टीम से जुड़ने की संभावना है, जबकि राहुल घरेलू क्रिकेट या भारत ए की तरफ से इंग्लैंड लायन्स के खिलाफ खेल सकते हैं। सीओए ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को निलंबित करने का फैसला ‘बीसीसीआई के संविधान के नियम 46 के तहत लिया गया जो कि खिलाड़ियों के व्यवहार से संबंधित है।’

इससे पहले बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने प्रशासकों की समिति (COA) से हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए लगाए गए निलंबन को हटाने का आग्रह किया था। खन्ना ने बीसीसीआई को संचालन कर रहे सीओए को पत्र में लिखा, ‘उन्होंने गलती की और उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है और ऑस्ट्रेलिया से वापस बुलाया गया। उन्होंने बिना शर्त माफी भी मांग ली है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा सुझाव है कि जांच लंबित रहने तक हमें दोनों क्रिकेटरों को तुरंत प्रभाव से भारतीय टीम में शामिल करना चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द न्यूजीलैंड में टीम से जुड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।’