जगन्नाथपुरी धाम के जगमोहन मंदिर पर मंडराया खतरा

पतंजलि शर्मा, जगन्नाथपुरी (18 मार्च): देश के चार धामों में एक जगन्नाथपुरी धाम है। जगन्नाथपुरी धाम के जगमोहन मंदिर पर खतरा मंडरा रहा है। मंदिर में दरारें आ गई हैं, जिसके बाद मंदिर के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दरारें पड़ने से हड़कंप मच गया है। दरार मंदिर के गर्भगृह की ओर है, जिससे मंदिर के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। जैसे ही इस बात की खबर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लगी। नवीन पटनायक ने तुरंत ही केन्द्र सरकार को सूचित किया। इसके साथ ही नवीन पटनायक ने केन्द्र से तकनीकी विशेषज्ञों को भेजने का भी अनुरोध किया है।

राज्य की टीमों के साथ ही आर्कोलोजिक सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने भी मंदिर का दौरा किया है और उनका मानना है कि मंदिर पर खतरा है। मंदिर के पीआरओ ने ये भी कहा कि जगमोहन की अंदरूनी सतह का प्लास्टर हटाने पर पता लगा कि चार स्तंभों के शीर्ष और पत्थरों की आठ बीम में गंभीर दरारें मिली हैं, जो इसके ढांचे की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार जगन्नाथपुरी मंदिर पर एक कोर कमेटी भी बना दी है, जिसमें ढांचा संबंधी इंजीनियर, एएसआई और जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये समिति सरकार को जल्द से जल्द मंदिर को बचाने वाले उपायों पर सुझाव देगी।

इंजीनियर्स और सर्वे टीम अपना काम कर रही है और लोगों को अफवाह से बचने की सलाह दे रही है, लेकिन मंदिर में दरार आने की खबर भर से मंदिर में पूजा करने वाले, मंदिर में रोज आने जाने वाले पंडे और पुजारी घबराए हुए हैं। बताया जाता है कि साल 1996 में जगमोहन मंदिर की गुंबद से एक हिस्सा गिर गया था, जिससे मंदिर में लगी सोने की थाल तक टूट गई थी। उस वक्त मंदिर का मरम्मत करवाया गया और फिर मंदिर प्रशासन उस घटना को भूल गया, लेकिन अब फिर से बड़ी दरार दिखने की वजह से लोगों में खौफ का माहौल है।

साल 1161 में कलिंग के गंगवंश के राजा अनन्तवर्मन चोडगंग देवजी ने ये सुंदर मंदिर बनवाया था और कहा ये भी जाता है कि अब तक ये मंदिर 18 हमले झेल चुका है। फिर भी आज तक अपनी मजबूती और शानदार नक्काशी की वजह से सही सलामत है।