फूड कॉन्ट्रेक्टरों पर रेलवे सख्त, खराब खाने की वजह से एक कॉन्ट्रैक्ट किया रद्द, 16 को किया ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली ( 5 मार्च ): रेलवे ने ट्रेनों में खराब खाना देने वाले केटररों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खराब फूड क्वालिटी की वजह से रेलवे ने एक कॉन्ट्रैक्ट रद्द और 16 को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके अलावा, बीते एक साल में रेलवे ने खाने की शिकायतों को लेकर 2,108 कैटरर्स से एक करोड़ 80 लाख का जुर्माना वसूला।


रेलवे ने यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध करवाने की कोशिश के तहत कैटरिंग सेवाओं की निगरानी की एक संस्थागत प्रणाली शुरू की है। इस प्रणाली के तहत केटरिंग संबंधी शिकायतों के निपटान के लिए विभिन्न स्तर पर नियमित जांचें की जा रही हैं।


- ट्रेन में यात्रियों को अच्छा खाना मिले, इसको लेकर रेलवे ने फूड क्वालिटी और हाइजीन चेकिंग के लिए मेकैनिज्म डेवलप किया है। इसके लिए कैटरिंग सर्विस देने वालों की लगातार निगरानी की जा रही है।


- सेंट्रलाइज्ड कैटरिंग सर्विस मॉनिटरिंग सेल (CSMC) की देख-रेख में निगरानी प्रॉसेस को अंजाम दिया जा रहा है।


- इसके अलावा यात्रियों को एक टोल फ्री नंबर 1800-111-321 पर कैटरिंग को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


- एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक CSMC रोज रियल टाइम में 250 से 300 पैसेंजर्स की शिकायतें सुन रहा है।


- "कैटरर्स की शिकायतों के लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। एक कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया जा चुका है। एक को नोटिस भेजा गया है। नियम तोड़ने 


के आरोप में बीते एक साल में 16 कॉन्ट्रैक्टर्स को ब्लैक लिस्टेड किया गया है।"


- "शिकायत या इंस्पेक्शन के दौरान कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर लाइसेंसी कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है। चलती ट्रेन और स्टेशनों पर चेकिंग की जा रही है और पैसेंजर्स से फीडबैक लिया जा रहा है।"


- "साथ ही, रेलवे ने शिकायतों-सुझावों के लिए ट्विटर हैंडल @IRCATERING भी जारी किया है।"


- बता दें कि रेलवे ने देश के 357 बड़े स्टेशनों पर ई-कैटरिंग फैसिलिटी मुहैया कराई है।