डूब गये चीन के 51 बिलियन डॉलर, सीपेक में शामिल नवाज के करीबियों पर चलेगा मुकदमा !

नई दिल्ली (30 जुलाई):  भ्रष्टाचार के आरोप में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को हटाये जाने के बाद चीन के थिंक टैंक को लगता है कि में 51 बिलियन डॉलर का सीपेक प्रोजेक्ट अब डूबता जहाज है। हालांकि, चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता लू कॉंग ने कहा है कि पाकिस्तान में चाहे जो सरकार रहे लेकिन सीपेक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लू कॉंग के इस बयान पर चीन के ही थिंक टैंक का कहना है कि चीन सीपेक के लिए अपनी तरफ से कोई कमी नहीं रखेगा लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के जद में आयी कंपनियों धराशायी होने पर सीपेक को कैसे बचाया जायेगा। सीपेक में पाकिस्तान की बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं जिनका संबंध नवाज शरीफ के परिवार या नज़दीकों लोगों से है।

सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ के खिलाफ जिन 16 मामलों की जांच फिर से करने को कहा है उन कंपनियों को चलाने वाले भी शामिल हैं। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो सीपेक के मुखिया अहसान मलिक पर मुकदमा शुरु करने जा रहा है। अहसान मलिक, नवाज शरीफ के सबसे नजदीकी और भरोसेमंद लोगों में से एक रहे हैं। अहसान मलिक पर कार्रवाई होने से सीपेक ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है। चीन के ही एक अखबार साउथ चाईना मॉरिनिंग पोस्ट ने लिखा है पोर्ट कासिम कोल प्रोजेक्ट जैसे की कई प्रोजेक्ट्स पर गाज गिरने वाली है। इन सब में नवाज शरीफ परिजनों की हिस्सेदारी है। पोर्ट कासिम प्रोजेक्ट्स पर कार्रवाई सीपेक को धराशायी करने के लिए काफी है। इसके अलावा पाकिस्तान के बहुत से सीनेटर पहले ही सीपेक और चीन के मंसूबों पर अपना विरोध दे चुके हैं। अब आने वाले प्रधानमंत्रियों पर सीपेक विरोधी सीनेटरों को जवाब देना मुश्किल होगा।