प्रधानमंत्री मोदी का फर्जी गौरक्षों पर जोरदार हमला...

नई दिल्ली (6 अगस्त): दिल्ली में जनता से सीधा संवाद करते हुए पीएम ने सीधा गौरक्षकों के नाम पर दुकान चलाने वालों पर निशाना साधा है। पीएम ने कहा कि लोग रात भर काले काम करते हैं और सुबह गौरक्षक बन जाते हैं। अगर राज्य सरकारें गौरक्षक होने का दावा करने वालों की लिस्ट निकालेंगी तो 70 से 80 फीसदी गौरक्षक फर्जी ही निकलेंगे।

पीएम ने फर्जी गौरक्षकों पर हमला करते हुए कहा...

- बादशाह और राजाओं की लड़ाई होती थी तो बादशाह क्या करते थे, वह अपनी सेना के सामने गायों को रखते थे। राजा को परेशानी होती थी कि अगर लड़ाई में हम शस्‍त्रों का वार करेंगे तो गाय मर जाएगी और पाप लगे। इसी उलझन में वो हार जाते थे।

- मैंने देखा है कि कुछ लोग जो पूरी रात असामाजिक हरकत करते हैं। लेकिन दिन में गौरक्षक का चोला पहन लेते हैं। मैं राज्य सरकारों को अनुरोध करता हूं क‍ि ऐसे जो स्वयंसेवी निकले हैं। अपने आप को जो बड़ा गौरक्षक मानते हैं। उनका जरा डोजियर तैयार करो 70 से 80 फीसदी ऐसे निकले जो ऐसे गोरखधंधे करते है, जिन्हें समाज स्वीकार नहीं करता है। लेकिन अपनी उन बुराइयों से बचने के लिए यह गौरक्षा का चोला पहनकर निकलते हैं।

- सचमुच में अगर वो गोसेवक हैं तो मैं उनसे आग्रह करता हूं कि सबसे ज्यादा गाय कत्ल के कारण मरती नहीं हैं। प्लास्टिक खाने से मरती हैं। आपको जानकर ह‍ैरानी होगी, गाय कूड़े-कचरे में प्लास्टिक खा जाती हैं और उसके कारण मर जाती है। मैं जब गुजरात में था तो तब पशुओं के हेल्थ कैंप लगाता था और उसमें में ऐसी गायों का ऑपरेशन करता था। एक बार में एक कार्यक्रम में गया और एक गाय के पेट में से दो बाल्टी से भी ज्यादा प्लास्टिक निकाला।

- यह जो लोग समाजसेवा करना चाहते हैं, कम से कम गायों को प्लास्टिक खाना बंद करवा दें और लोगों को प्लास्टिक फेंकना बंद करवा दें तो भी गौ सेवा होगी। स्वंयसेवी संगठन और स्वंयसेवा दूसरों को प्रता‍ड़‍ित करने या दबाने के लिए नहीं होती। इसके लिए एक सम्‍पर्ण, करुणा, त्याग और बलिदान चाहिए, तब जाकर के सेवा होती है। इसलिए हम सब कुछ ना कुछ समाज के लिए करें।