14 महीने की उम्र में हो गयी थी शादी, 17 साल बाद अदातलत ने कर दी निरस्त

नई दिल्ली (6 अगस्त): करीब 17 साल पहले महज 14 महीने की अबोध उम्र में विवाह की बेडिय़ों में जकड़ी सुमनलता को जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय ने आजाद कर दिया। सुमनलता ने पारिवारिक न्यायालय में अपने बाल विवाह को निरस्त की गुहार लगाई थी।

- बाड़मेर जिले के चौहटन निवासी रामचन्द्र बिश्नोई की पुत्री सुमनलता का बाल विवाह 1999 में महज 14 माह की उम्र में बाड़मेर जिले के सेडवा में  घमंडाराम के बेटे प्रकाश बिश्नोई के साथ कर दिया गया था।  -  सुमनलता ने करीब छह माह पूर्व ससुराल जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कृति भारती के साथ उपस्थित होकर सुमनलता ने पारिवारिक न्यायालय  में वाद दायर किया था। 

- न्यायिक सुनवाई में सुमनलता की ओर से कृति भारती ने पैरवी कर सुमनलता के बाल विवाह के तथ्यों और आयु सम्बन्धी प्रमाणिक दस्तावेजों से अवगत करवाया।

- न्यायाधीश अजयकुमार ओझा ने सुमनलता के बाल विवाह को निरस्त करने का फैसला सुनाया। 

- बाल विवाह निरस्त कराने की मुहिम में जुटे सारथी ट्रस्ट की कृति भारती ने ही वर्ष 2012 में देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था।