धोनी के वकील का दावा, ग़ैर ज़मानती वारंट का आदेश ग़लत

नई दिल्ली ( 9 जनवरी) : टीम इंडिया के वनडे और टी20 फॉर्मेट के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के वकील रजनीश चोपड़ा ने दावा किया है कि आंध्र प्रदेश में अनंतपुर कोर्ट से कभी कोई समन नहीं मिला है, जिसे नज़रअंदाज़ करने का आरोप धोनी पर लगाया गया है। वकील ने ये भी कहा कि कोर्ट की तरफ से जो धोनी के नाम गैर ज़मानती वारंट जारी किया गया, उसमें त्रुटि है।

बता दें कि धोनी कि तस्वीर एक पत्रिका के कवर पर हिंदुओं के देवता विष्णु के रूप में छपी थी। अनंतपुर कोर्ट ने धोनी को 25 फरवरी को पेश होने का निर्देश जारी किया है।

धोनी के वकील ने रीति स्पोर्ट्स के वक्तव्य के जरिये से कहा, “धोनी न्यायालय का सम्मान करते हैं और उन्हें कोर्ट के फैसले में भरोसा है। हालाँकि इस वक्त वह व्यक्तिगत तौर पर समन को प्राप्त नहीं कर सकते हैं।”

रजनीश चोपड़ा ने आगे कहा,” इसी मामले को लेकर एक केस बेंगलुरु हाईकोर्ट में चल रहा है, जिसपर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। ऐसे में इस मामले में ये एक कमी है। जिसको लेकर हम आगे न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे।”

ये ऐसा दूसरा मामला है, जब धोनी को कोर्ट में उपस्थिति होने को कहा गया है। इससे पहले धोनी ने हाईकोर्ट के समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद उन्हें वहां से राहत मिल गयी थी।अदालत ने धोनी को विशेष छूट प्रदान कर दी थी।

धोनी इस वक्त टीम इंडिया के साथ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं।