BREAKING: प्रीति राठी मर्डर केस में दोषी अंकुर को फांसी की सजा

नई दिल्ली (8 सितंबर): मुंबई की चर्चित प्रीति राठी तेजाब कांड के आरोपी अंकुर पंवार को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। ये तेज़ाब कांड साल 2013 का है, जब दिल्ली से नेवी हॉस्पिटल में नर्स बनने मुंबई आई प्रीति के चेहरे पर तेजाब फेंका गया था। इलाज के दौरान प्रीति राठी की मौत हो गई थी। प्रीति का परिवार चाहता था कि अंकुर के लिए फांसी से कम की सज़ा का एलान ना हो। उधर अंकुर का परिवार फिर से सीबीआई की जांच की मांग कर रहा है।

- हरियाणा की रहने वाली वाली 24 साल की प्रीति राठी अपने परिवार के साथ मुंबई पहुंची। - वो नेवी अस्पताल में नर्स के रूप में नौकरी शुरू कर सके। वो पिता और चाचा के साथ थी। - बांद्रा स्टेशन पर ही उसके किसी ने पीछे से छुआ और जैसे ही वो पलटी उसके चेहरे पर तेज़ाब फेंका गया। - तेज़ाब फेंके जाने के बाद प्रीति लगभग एक महीने तक गंभीर हालत में अस्पताल में रही। - तेज़ाब से हुए जख्मों की वजह से उसने दम तोड़ दिया। - तेज़ाब से उसका गला और फेफड़े बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे। - जांच शुरू हुई तो पता चला कि तेज़ाब प्रति के पड़ोस में रहने वाले अंकुर पंवार ने फेंका था। - अंकुर दिल्ली से पीछा करता हुआ मुंबई पहुंचा था। - तीन साल बाद इस चर्चित तेज़ाब कांड में कोर्ट का फैसला आया और अंकुर पवार को दोषी ठहराया गया।