'पत्नी को मत मारो, बहादुरी दिखानी है तो सीमा पर जाओ'

नई दिल्ली(24 सितंबर): पत्नी की पिटाई करने के आरोपी पति को गुजरात हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा है कि यदि वह बहादुरी दिखाना चाहते हैं तो उन्हें सीमा पर जाना चाहिए। पत्नी का उत्पीड़न करने और मारपीट के आरोपी पति को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा, 'यदि आप बहादुरी दिखाना चाहते हैं तो सीमा पर जाना ज्यादा बेहतर होगा।' 

- पेशे से ड्राइवर वनराजसिंह राना पर पत्नी की पिटाई करने और घरेलू झगड़ों में मारने की धमकी देने का आरोप है।

- पत्नी की ओर से इस मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द कराने के लिए कोर्ट पहुंचे राना को जस्टिस सोनिया गोकनी ने सलाह दी कि उन्हें अपनी पत्नी से बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की, 'आपको जानना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति है। वहां बॉर्डर पर सच में लोगों की जरूरत है। यदि आप अपनी क्षमता और बहादुरी दिखाना चाहते हैं तो आपको सीमा पर अपनी सेवा देनी चाहिए।'

- राना की पत्नी सूर्यबेन तीन बच्चों की मां हैं। इसी साल की शुरुआत में उन्होंने पति राना के खिलाफ गांधीनगर के चिलोडा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। सूर्यबेन ने आरोप लगाया था कि वह उनके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करते हैं। पत्नी ने राना पर आरोप लगाया कि वह मामूली घरेलू विवादों में भी उसकी बुरी तरह से पिटाई करते हैं और उसे जान से मारने की धमकी देते हैं।

- सूर्यबेन की शिकायत पर पुलिस ने वनराजसिंह राना पर आईपीसी की धारा 498ए, 504, 506 और 323 के तहत केस दर्ज किया था। केस दर्ज कराने के कुछ महीनों बाद ही दोनों के बीच परिवार और समुदाय के बुजुर्गों के समझाने पर समझौता हो गया था। इस विवाद के निपटारे के बाद राना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए इस केस को हटाने की मांग करते हुए कहा था कि इसका मकसद सिर्फ उनकी जिंदगी में परेशानियां खड़ी करना है।

- इस पर कोर्ट ने दंपती को सुनवाई के लिए समन जारी किया। जस्टिस सोनिया गोकनी ने राना से कहा कि घर वह स्थान होता है, जहां व्यक्ति शांति और सहयोग से रहता है। कोर्ट ने कहा, 'जिंदगी वास्तव में तब बेहद तकलीफेदह हो जाती है, जब किसी को घर में भी शांति-सुकून न मिले।'