छापे के दौरान जब्त किए दस्तावेज दिल्ली सरकार को लौटाए CBI: स्पेशल कोर्ट

नई दिल्ली (20 जनवरी): राजधानी की एक विशेष अदालत ने दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के दफ्तर पर की गई छापेमारी के दौरान जब्त किए गए कुछ दस्तावेज सरकार को वापस करने का आदेश दिया। बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने दिल्ली सरकार के याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि जांच एजेंसी कुमार के दफ्तर से जब्त उन दस्तावेज को सरकार को वापस करे जिनकी उसे जांच के सिलसिले में आवश्यकता नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश ने कहा, दिल्ली सरकार की तरफ से बीते साल वर्ष 21 दिसम्बर को दायर याचिका का निपटारा किया जाता है। आदेश के पैरा संख्या आठ के संदर्भ में सीबीआई को दस्तावेज जारी करने का आदेश दिया जाता है। दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने दलील दी कि सीबीआई ने 15 दिसम्बर को छापे के दौरान बेवजह अनावश्यक दस्तावेज भी जब्त कर लिए। जबकि जांच एजेंसी इस संबंध में अपने उस मैनुअल पर अमल करने के लिए बाध्य है। जिसमें यह कहा गया है कि एजेंसी केवल आवश्यक दस्तावेज ही जब्त कर सकती है।

मेहरा का पक्ष था कि सीबीआई ने जून 2015 के कैबिनेट नोट सहित विभिन्न दस्तावेजों की मूल प्रतियां भी जब्त कर ली है। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की टेलीफोन डायरी भी नहीं छोड़ी है। इन दस्तावेज से उसका कौन सा उद्देश्य हल होगा।  बीते साल, 23 दिसम्बर को भी न्यायालय ने सरकार की याचिका में वर्णित फाइलों की छायाप्रति उसे सौंपने का निर्देश दिया था। साथ ही इसके लिए सीबीआई को पांच दिन का समय दिया था। कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े कई आरोप हैं।

गौरतलब है, सीबीआई ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली सचिवालय स्थित राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर छापा मारा था। तब इस मामले पर काफी विवाद हुआ था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे अपने खिलाफ केंद्र की साजिश करार दिया था और आरोप लगाया था कि छापा सीएम ऑफिस में मारा गया था।