इस मंदिर में होगी देश की दूसरी सबसे महंगी पूजा

नई दिल्ली(21 अक्टूबर): आंध्र प्रदेश में चित्तूर जिले में श्री कालाहस्ती मंदिर में 'नाग प्रतिष्ठा पूजा' की शुरुआत होने वाली है। इस पूजा को कराने का खर्च 15,000 रुपये होगा जो कि तिरुमाला मंदिर में होने वाली 'वस्त्रम' पूजा से थोड़ा ही कम है। यह पूजा उनके लिए है, जिनकी शादी नहीं हो रही है या जो दंपती निःसंतान हैं।

- तिरुमाला से 40 किलोमीटर दूर स्थित यह 700 साल पुराना शिवमंदिर राहुकेतु पूजा और कालासर्प दोष के लिए जाना जाता है। ये दोनों पूजा भी निःसंतान दंपतियों और शादी न होने वाले लोगों के लिए है। श्री कालाहस्ती मंदिर की वार्षिक आय 100 करोड़ रुपये है। अब यहां नाग प्रतिष्ठा पूजा की भी शुरुआत होने वाली है।

- मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गुरुवैया नायडू ने कहा कि नाग प्रतिष्ठा पूजा शादी और संतान का सबसे अच्छा उपाय है। उन्होंने कहा, 'जब हमने देखा की बहुत से पुजारी यह पूजा घर जाकर करवाते हैं और 20,000 से 1 लाख तक रुपये लेते हैं, तो मंदिर परिसर में ही यह पूजा करवाने का फैसला किया। इसमें केवल 15,000 का खर्च आएगा। यहां राहु और केतु को नियंत्रित करने के लिए शिव और पार्वती विराजमान हैं इसलिए श्रद्धालुओं को इसके अच्छे परिणाम मिलेंगे।'

- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक यह पूजा या तो घरों में की जाती है या वहां की जाती है जहां नाग देवता की प्रतिमा होती है। श्री कालाहस्ती मंदिर में नए नाग देवता स्थापित किए जाएंगे जहां पुजारी रोज पूजा और अभिषेक करेंगे। मंदिर परिसर में काफी खाली जगह है जहां यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार से इजाजत मिलने के बाद यह पूजा शुरू की जाएगी।