इसरो कल लॉन्च करेगा नेविगेशन सैटलाइट, उल्टी गिनती शुरू

नई दिल्ली ( 30 अगस्त ): इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(इसरो) गुरुवार को शाम 6.59 बजे आईआरएनएसएस-1एच नाम का सैटेलाइट लाॅन्च करेगा। जिसका काउंटडाउन शुरु हो गया है। इसे श्रीहरिकोटा स्थित केंद्र से पीएसएलवी-सी 39 की मदद से छोड़ा जाएगा। यह इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटलाइट सिस्टम का आठवां सैटलाइट है। 1425 किग्रा का यह सैटलाइट आईआरएनएसएस-1 ए की जगह लेगा, जिसकी न्यूक्लियर वॉचेज ने काम करना बंद कर दिया है।

इसरो ने बताया कि न्यूक्लियर वॉचेज का बंद पड़ जाना बहुत समस्या वाली बात नहीं है। इससे पहले रूस और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के प्रोग्राम में भी इस तरह की दिक्कत आ चुकी है। इसरो ने बताया कि मिशन रीडनेस रिव्यू (एमआरआर) और लॉन्च अथॉराइजेशन बोर्ड (एलएबी) ने गुरुवार को इसके काउंटडाउन की इजाजत दी है। आईआरएनएसएस का पहला हिस्सा 1 जुलाई 2013 को लॉन्च किया गया था। इसका दूसरा हिस्सा अप्रैल 2018 में लॉन्च किया जाना है। 

इसरो के मुताबिक, यह पहला मौका है जब किसी सैटलाइट को बनाने में प्राइवेट कंपनियां सीधे तौर पर शामिल हुई हैं। आईआरएनएसएस-1 एच को बनाने में प्राइवेट कंपनियों का 25% योगदान रहा है। एक बार लॉन्च हो जाने के बाद अपनी लोकेशन बेस्ड सर्विस के जरिए आईआरएनएसएस रेलवे, सर्वे और दूसरी कई चीजों में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। इंडियन एयर फोर्स भी अपने फाइटर प्लेन में जीपीएस की जगह आईआरएनएसएस लाने की तैयारी कर रहा है।

कंपनियों के ग्रुप का नेतृत्व अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज कंपनी ने किया। इसके अलावा बेंगलुरू की तीन और मैसूर और हैदराबाद की एक-एक कंपनी इस प्रोजेक्ट में शामिल रहीं। टीम के 70 इंजीनियर और टेक्निकल ने 6 महीने तक काम किया। अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन कर्नल एसएस शंकर का कहना है कि ये कंपनी के लिए सम्मान की बात है। इस काम में कंपनी के टॉप इंजीनियर शामिल रहे हैं। उन्होंने इसरो के टेक्नोक्रेट्स के गाइडेंस के मुताबिक कंपोनेंट्स की एसेंबलिंग की।