रेलवे के इस एक कारनामे से सुरेश प्रभु की कोशिशों पर फिर गया पानी

नई दिल्ली (4 अगस्त): सुरेश प्रभु भारतीय रेल की छवि सुधारने के लाख प्रयास कर रहे हैं लेकिन हर बार कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है कि उनकी सारी कोशिशों पर पानी फिर जाता है। दरअसल, केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सरकारी संगठनों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की एक रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें रेलवे सबसे ऊपर है। जबकि दूसरे स्थान पर बैंक हैं।  

संसद में पेश सीवीसी की 2014 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की 12,394 शिकायतें मिलीं। इसके बाद बैंक अधिकारियों के खिलाफ 5,363 और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के खिलाफ 5,139 शिकायतें मिलीं। वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ऐसी 4,986 शिकायतें मिलीं।

जबकि दूरसंचार मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ 3,379 और शहरी विकास मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ 3,079 शिकायतें मिलीं। विभिन्न सरकारी विभागों में सीवीसी के तहत काम करने वाले मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) को भ्रष्टाचार की कुल 56,104 शिकायतें मिलीं।