कॉर्नफ्लेक्स और तले-भुने पदार्थ खाने वाले हो जाएं सावधान...

जालंधर (7 मार्च): सुबह के नाश्ते में अधिकतर लोग ब्रेड, कार्न फ्लेक्स और कई तले-भुने पदार्थों का सेवन करते हैं लेकिन यही पदार्थ फेफड़ों के कैंसर का रोगी बना सकते हैं, जिसका खुलासा एक नए शोध में हुआ है।

ग्लाइसेमिक सूचकांक और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) एक संख्या है जो एक विशेष प्रकार के भोजन से संबंधित है। यह व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज के स्तर पर भोजन के प्रभाव को संकेत करता है। गोरी त्वचा, हल्के रंग के बालों और नीली, हरे, रंग की आंखों वाले लोगों में यह एससीसी विकसित होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में 1 हजार 905 रोगियों को शामिल किया था, जिन्हें हाल ही में फेफड़ों के कैंसर की शिकायत हुई थी। इसके साथ ही 2 हजार 413 स्वस्थ व्यक्तियों का भी सर्वेक्षण किया गया था। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपनी पिछली आहार की आदतों और स्वास्थ्य इतिहास की जानकारी दी।

अमेरिकी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर से इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक जिफेंग वू ने बताया, “शोध के दौरान प्रतिदिन जीआई युक्त भोजन करने वालों में जीआई भोजन न करने वालों की तुलना में फेफड़ों के कैंसर का 49 प्रतिशत जोखिम देखा गया।” यह शोध पत्रिका ‘कैंसर एपिडेमियोलॉजी बायोमार्कर्स एंड प्रिवेंशन’ में प्रकाशित हुआ है।