बिहार में टॉपर्स घोटाले के बाद अब कॉपी घोटाला...

अमिताभ ओझा, पटना (17 अगस्त): बिहार में इंटर टॉपर्स घोटाले के बाद अब कॉपी घोटाला सामने आया है। सिर्फ दो साल की जांच में साढ़े आठ करोड़ का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले का भी मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यछ लाल्केश्वर प्रसाद व उनके दामाद विवेक कुमार है।

इस घोटाले में एसआईटी ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से कई बंडल कॉपियां भी बरामद की है। गिरफ्तार लोगों में एक राजनितिक दल का जिलाध्यक्ष भी शामिल है। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने खुलासा किया है कि फर्जी टेंडर कर करोडों की कॉपियों की खरीद की गई थी। दरअसल इस घोटाले का खुलासा हुआ बोर्ड के अध्यछ रहे लाल्केश्वर प्रसाद के सहायक और बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्टोरकीपर विकास कुमार पर कोलकाता की एक कंपनी द्वारा लगाए गए आरोप के बाद।

कोलकाता की कंपनी ने पटना पुलिस में शिकायत की थी कि उससे फर्जी टेंडर के आधार पर कॉपियां मंगाई गई और फिर उसे बिल का भुगतान नहीं किया गया। कंपनी के आवेदन पर कोतवाली थाने में अलग से एफ़आरआर दर्ज की। जांच के दौरान स्टोरकीपर विकास सिंह के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि उसका शहर के एक रद्दी कारोबारी और एक स्टेशनरी के दुकानदार से दोस्ती है। इसी के आड़ में इस पुरे रैकेट को अंजाम दिया गया था।

दरअसल फर्जी टेंडर के द्वारा गुजरात और कोलकाता की कंपनी से उतर पुस्तिका मंगाई गई थी और उसे चार ट्रैक में रखकर किशनगंज व भागलपुर के नवोदय विद्यालय में रखवाया गया था, जबकि चार ट्रक कॉपियों को पटना के बायपास स्थित स्टेशनरी दुकान के गोदाम में रखा गया था। जांच के दौरान इन कॉपियों को जब्त किया गया। कॉपियां मंगाई जाती थी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नाम पर, भुगतान भी समिति ही करती थी, लेकिन एक रैकेट के तहत इन कॉपियों को बोर्ड मुख्यालय में नहीं रखकर बाहर रखा जाता। फिर उन्हें बाहर ही ब्लैक में बेच दिया जाता था।

स्टोरकीपर विकास को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि इस काम में लाल्केश्वर प्रसाद का दामाद विवेक भी शामिल है। विकास अपने दोस्त स्टेशनरी दुकानदार रजनीकांत और रद्दी व्यापारी राजकिशोर गुप्ता के साथ मिलकर यह रैकेट चला रहा था। पुरे रैकेट का मास्टर माइंड लाल्केश्वर प्रसाद हुआ करता था। अब तक की जांच में साढ़े आठ करोड़ के घोटाले की बात सामने आई है। विकास की निशानदेही स्टेशनरी कारोबारी और रद्दी कारोबारी के साथ ही औरंगाबाद से एक पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे अजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।