नई शिक्षा नीति पर खड़ा हुआ विवाद...

शिवांग माथुर, नई दिल्ली (18 जून): देश में स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक की पढाई लिखाई का तौर तरीका बदलने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई शिक्षा नीति बनाने वाला है। इसके लिए मंत्रालय की तरफ से एक कमेटी ने ड्राफ्ट तैयार करके रिपोर्ट पेश कर दी है। 

इस रिपोर्ट को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है। इसे अलोकतांत्रिक, गरीब और दलित विरोधी कदम बताया जा रहा है। विवाद नई शिक्षा नीति की उस सिफारिश पर हो रहा है, जिनमें जाति-धर्म या राजनीतिक आधार पर बने छात्रसंघों पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है। 

कैंपस में बोलने की आजादी पर तय पाबंदी की सिफारिश पर भी बड़ा विवाद है। इसके अलावा हॉस्टल में तय वक्त से ज्यादा दिनों तक रहने पर रोक लगाने की भी बात कही गई है। साथ ही यूनिवर्सिटीज के वीसी को बहाल करने के नियम में बदलाव की भी बात है।

बता दें कि यह सारी सिफारिशें हाल में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ जेएनयू और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के बीच हुए विवादों के मद्देनजर की गई लग रही हैं। विरोधी दलों, टीचर्स और छात्रसंघ नई शिक्षा नीति की इन सिफारिशों का घोर विरोध कर रहे हैं।  

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट...

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=swLBmdDfsVQ[/embed]