'ब्राह्मण के मरने पर नहीं दिखती सहिष्णुता, अल्पसंख्यक के मरने पर चिल्लाने लगते हैं'

नई दिल्ली (10 जून): शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बीजेपी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दलितों के प्रति भाजपा का प्रेम झूठा है। दलित परिवारों के साथ नेताओं का भोजन करना विशुद्ध रूप से राजनैतिक कृत्य है। 

उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के वो क्यों नहीं उनके साथ भोजन करते हैं। राजनैतिक फायदे के लिए दलितों के साथ उज्जैन में क्षिप्रा नदी में स्नान करने की एक नयी परंपरा स्थापित की गई। नदियों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जाति, धर्म या वर्ण के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। बिसहड़ा मामले पर स्वरूपानंद ने कहा, ‘जब कोई ब्राह्मण मरता है, तो सरकार को सहिष्णुता नहीं दिखती। लेकिन जब कोई अल्पसंख्यक मरता है तो चिल्लाने लगते हैं।’  

उन्होंने अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं पूरी करती। जब गौहत्या पर प्रतिबंध है, तो फिर कोई ऐसा क्यों करता है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘अभी भी आए दिन उत्तर प्रदेश व हरियाणा के एक बड़े हिस्से से असम व पश्चिम बंगाल को निरंतर गायों की तस्करी की जा रही है। उनका खुलेआम वध किया जा रहा है। गौहत्या बंद होने के बावजूद अगर सरकार रोकथाम नहीं कर पाती तो निश्चित ही यह उसकी विफलता का सूचक है।’