नोटबंदी का असर: अभी लें टीवी-फ्रिज, बाद में करें पेमेंट

नई दिल्ली(17 नवंबर): 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद होने का असर टीवी-फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर पर भी दिख रहा है। इंडस्ट्री के मुताबिक 40 से 50% कस्टमर कैश पेमेंट करते हैं। नोटबंदी से कैश खरीदने वाले नहीं आ रहे। हालांकि ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां अगले साल जनवरी से पेमेंट के ऑफर भी दे रही हैं। 

- वहीं, बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि नोटबंदी के खिलाफ संसद में अपोजिशन का एकजुट होना ‘पॉलिटिकल राइवलरी’ है। 

- कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर की 60% बिक्री शादियों के सीजन में होती है। लिहाजा यह पीक सीजन माना जाता है। 

- वीडियोकॉन के चीफ ऑपरेटिंग अफसर सीएम सिंह के मुताबिक, कंपनी ‘बॉय नॉउ, पे इन 2017’ का ऑफर दे रही है। यानी, कस्टमर अगर ईएमआई पर प्रोडक्ट खरीदता है, तो उसे पेमेंट अगले साल जनवरी से करनी होगी। ऑफर डाउन पेमेंट पर है। 

- सिंह ये भी कहते हैं कि बैन से कैश वाले 50% मार्केट पर असर पड़ा है। 

- सैमसंग के एक अफसर ने बताया कि ग्राहक रोज की जरूरतों के लिए कैश संभालकर रख रहे हैं। इसलिए शादियों के लिए होने वाली सेल में भी गिरावट आई है। 

- व्हर्लपूल ऑफ इंडिया के एक अधिकारी के मुताबिक, कंपनियों ने फेस्टिव और वेडिंग सीजन के लिए अच्छी सेल का प्लान किया था। फेस्टिव सीजन में सेल तो बढ़ी, लेकिन अब नोटबंदी का असर दिख रहा है।

- बता दें कि कंज्यूमर ड्यूरेबल मार्केट करीब 65,000 करोड़ रुपए का है। यह सालाना 14.8% की दर से बढ़ रहा है। इनका 65% मार्केट शहरों में है। गांवों में बिक्री बढ़ने की रफ्तार 25% है।

- अभी बैंकों के पास काफी कैश जमा हो गया है। बैंकों ने मंगलवार 1.67 लाख करोड़ रु. आरबीआई के पास रिवर्स रेपो के तहत जमा करवाए। 

- रिवर्स रेपो के तहत आरबीआई बैंकिंग सिस्टम की एक्स्ट्रा लिक्विडिटी कम करता है और रेपो के तहत लिक्विडिटी बढ़ाता है। 

- एसबीआई चेयरपर्सन अरुंधति भट्‌टाचार्य ने जमा में बढ़ोतरी का अनुमान 13.5% से बढ़ाकर 15% कर दिया था।

- मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने कहा है कि नोटबंदी से बैंकों में भले चार लाख करोड़ रु. जमा हो गए हों, लेकिन पैसे निकालने की सीमा खत्म होने के बाद जमा में भारी गिरावट आएगी। 

- एजेंसी के मुताबिक 3-4 हफ्ते तक बैंकों में जमा बढ़ता रहेगा। जमा रकम नोटबंदी से पहले की तुलना में 1-2% बढ़ने की उम्मीद है।

- बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा है कि नोटबंदी के खिलाफ संसद में अपोजिशन का एकजुट होना ‘पॉलिटिकल राइवलरी’ है।

- सरकार के कदम का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कालाधन और नकली नोट बाहर हो जाएंगे। हालांकि सरकार और आरबीआई को बेहतर तैयारी करनी चाहिए थी। 

- उन्होंने दावा किया कि इस कदम से आम लोगों, दिहाड़ी मजदूरों और मध्यम वर्ग को फायदा होगा जो कई तरह के ट्रांजैक्शन के लिए डेबिट/क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। 

- किरण के मुताबिक, नोटबंदी का प्रॉपर्टी और ज्वैलरी कारोबार पर असर होना ही था, क्योंकि इनमें ज्यादातर कारोबार नकद में होता है।