महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के टिकट देने से पहले उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेगी कांग्रेस

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(23 जुलाई): महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की अंतिम लिस्ट जुलाई अंत तक जारी कर सकती है। इसे लेकर कांग्रेस पहले उम्मीदवारों का साक्षात्कार करेगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने जुलाई अंत तक पार्टी के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने का फैसला किया है। इसके लिए एमपीसीसी ने अलग तरह की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत पार्टी पहले उम्मीदवारों का साक्षात्कार करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिए जाने वाले इस इंटरव्यू की तारीख भी तय कर दी गई है। एमपीसीसी के वरिष्ठ नेता 29, 30 और 31 जुलाई को उम्मीदवारों का मुंबई में इंटरव्यू लेंगे। इसके बाद चयनित नामों की सूची पार्टी के दिल्ली स्थित मुख्यालय में भेजी जाएगी। वहां से अप्रूव होने के बाद ही उम्मीदवारों का नाम फाइनल किया जाएगा।

कांग्रेस जुलाई अंत तक अपने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला लेगी। मुंबई और अन्य जिलों में 29, 30 और 31 जुलाई को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी द्वारा उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाएगा। साक्षात्कार, चयनित नामों को अंतिम अनुमोदन के लिए दिल्ली मुख्यालय भेजा जाएगा।

महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनाव में शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कांग्रेस से बराबर सीटों की मांग की है। दोनों पार्टियों के बीच बीते मंगलवार को इस मामले पर बैठक हुई थी। 288 सीटों वाले इस राज्य में साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होंगे। 2019 का लोकसभा चुनाव भी एनसीपी ने कांग्रेस के साथ ही लड़ा था। इससे पहले 2014 के आम चुनाव में भी एनसीपी कांग्रेस से आगे रही थी। तब भी दोनों पार्टियों ने साथ में ही चुनाव लड़ा था, जिसमें कांग्रेस को दो और एनसीपी को चार सीटें मिली थीं।

इन दोनों पार्टियां का 1999 से गठबंधन है। हालांकि 2014 विधानसभा चुनाव में दोनों ने एक साथ चुनाव नहीं लड़ा था। 2004 के विधानसभा में भी एनसीपी ने कांग्रेस की तुलना में अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी। एनसीपी ने बाद में मुख्यमंत्री पद की भी मांग की थी।