प्रधानमंत्री के संबोधन पर विपक्ष का हमला, कहा- संसद के बाहर पढ़ा बजट भाषण

नई दिल्ली ( 31 दिसंबर ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद नए साल की पूर्व संध्या पर देश के नाम संबोधन पर विपक्ष ने जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि पीएम ने एक तरह से संसद के बाहर बजट का भाषण पढ़ा है और यह सर्वोच्च विधायिका को नजरअंदाज करना है। ममता बनर्जी ने भी पीएम पर प्री-बजट भाषण देने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, 'मेरे लिए यह एक बजट भाषण था। वित्तमंत्री के लिए दुखी हूं अब वह बजट के दौरान क्या करेंगे?' वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'डेडलाइन नहीं, हेडलाइन है पीएम मोदी का चाल चेहरा और चरित्र।'

सुरजेवाला ने कहा कि हम एक बार फिर नोटबंदी के बाद तय नकदी निकालने की सीमा बढ़ाने की मांग कर करते हैं। सुरजेवाला ने कहा, 'किसानों का हाल बेहाल है, उनकी लागत तक नहीं निकली है।'

दरअसल राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम ने जनकल्याण की कुछ योजनाओं की घोषणा की। इस घोषणा के बाद ही विपक्ष ने पीएम पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि बजट भाषण संसद के बाहर दिया गया? मनीष तिवारी ने ट्वीट में लिखा कि अब 1 फरवरी को अपने भाषण में जेटली क्या बोलेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे संसद की अवमानना नहीं माना जाना चाहिए?

मनीष तिवारी के अलावा ममता बनर्जी ने भी मोदी पर निशाना साधा। ममता ने ट्वीट किया कि पीएम मूल एजेंडा कालेधन और नोटबंदी से भटक गए। ममता ने आरोप लगाया कि पीएम ने वित्त मंत्री के पद को भी लेते हुए प्री-बजट भाषण दे दिया।

ममता बनर्जी ने ट्वीट में सवाल उठाया, 'नोटबंदी के आंकड़े कहां हैं? कितना कालाधन बरामद किया गया। 50 दिनों तक दर्द झेलने के बाद देश को क्या मिला? ममता ने तंज किया कि 2017 का साल डिमोदीटाइजेशन का साल होगा। ममता ने कहा कि यह 2017 के लिए देशवासियों का नया साल का संकल्प होगा।

सीताराम येचूरी ने पीएम पर हमला करते हुए कहा, यह भाषण देकर लगा कि जैसे पीएम ने वित्त मंत्री के लिए कोई काम न छोड़ा हो।  लग रहा है जैसे पीएम ने पहले ही बजट भाषण पढ़ दिया। 45 मिनट के भाषण में 30 मिनट उन्होंने प्रवचन दिया है। उन्होंने एक भी शब्द आम लोगों के लिए नहीं कहा जो उनके इस फैसले के कारण परेशानी में हैं।  

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा, 'जैसा बजट भाषण होता है वैसे ही भाषण था, एक जिक्र नहीं था की कितना काला धन आया।'