अमेरिका में बोले राहुल- भारत और चीन तय करेंगे दुनिया का नया रूप

नई दिल्ली(20 सितंबर): कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भारत और चीन के प्रदर्शन से यह तय होगा कि दुनिया किस तरह नया रूप लेगी। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में छात्रों से रूबरू होते हुए गांधी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच गहरा तालमेल है। राहुल ने कहा कि भारत के लिए सभी देशों से संबंधों में संतुलन बनाए रखना अहम है। 

- राहुल गांधी ने कहा, 'बड़ी संख्या में दो तरह का प्रवास हो रहा है -पहला पूरी तरह स्वतंत्र है और दूसरा पूर्णत: नियंत्रित। प्रशासन का तानाबाना इससे अलग-अलग तरीके से निपटता है। भारत और चीन दो बडे़ देश हैं जो खेती करने वाले देशों से आधुनिक शहरी मॉडल देश बन रहे हैं। यहां विश्व जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है।' 

- उन्होंने कहा, 'ये दोनों देश मूल रूप से दुनिया को नया आकार देने जा रहे हैं। मुझे यह नहीं कहना कि चीन लोकतांत्रिक है या नहीं। उन्होंने अपना रास्ता चुना है और हमने अपना रास्ता चुना है। दुनिया के दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों के बीच सहयोग और प्रतिस्पर्धा है। हमें यह देखना है कि कैसे हम रोजगार लाएं? असल में हमें चीन से मुकाबला करना है।' उन्होंने कहा कि भारत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) परियोजना के जरिए अपना रास्ता बना रहा है। चीन की दुनिया की तरफ एक खास दूरदृष्टि है। 

- राहुल गांधी ने भारत को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा, क्या भारत के पास भी ऐसी ही दूरदृष्टि है? वह दूरदृष्टि कैसी है? हमारे और उनके बीच कितना सहयोग होने जा रहा है? ये कुछ मूल सवाल हैं। लेकिन जिस बात का पता होना चाहिए, वह यह है कि चीन असीम शक्ति के साथ आगे बढ़ रहा है और हमें इसके साथ काम करना है। कांग्रेस नेता ने कहा कि रोजगार उत्पन्न करने और शिक्षा के क्षेत्र में अमेरिका और भारत के बीच सहयोग के लिए बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि दोनों देशों के बीच गहरा तालमेल है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने संबंधों में संतुलन बनाए रखा है। भारत के चीन और रुस से भी संबंध रहे हैं। उसके अमेरिका और दोनों देशों से संबंध रहे हैं। राहुल ने कहा, 'मेरे लिए अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंध महत्वपूर्ण हैं।'