GST पर विशेष आयोजन का बहिष्कार करेगी कांग्रेस, कहा- देश की हालात पर पीएम मोदी चुप क्यों?

नई दिल्ली ( 29 जून): कांग्रेस वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के लिए 30 जून की आधी रात को संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित किए जा रहे समरोह में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी के राज्यसभा में चीफ व्हिप सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि हम आधी रात के जीएसटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं जाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने इसके बहिष्कार का फैसला किया है।


गुलाम नबी आजाद ने कहा, जीएसटी को लेकर हो रहे आयोजन में कांग्रेस पार्टी शामिल नहीं होगी। आधी रात को को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में अभी तक तक सिर्फ तीन कार्यक्रम हुए हैं। पहला जब देश आजाद हुआ और उस आजादी का जश्न मनाया गया। इसके बाद 1972 में जब उसी आजादी की सिल्वर जुबली मनायी तब आधी रात को कार्यक्रम हुए। इसके बाद 1997 में आजादी की गोल्डन जुबली पर कार्यक्रम हुए। शायद बीजेपी के लिए 1947, 1972 और 1997 उतनी अहमियत नहीं होगी जितनी हमारी नजर में है।


गुलाम नबी आजाद ने कहा, इसके अलावा दूसरा कारण है कि देश में जो कुछ भी हो रहा है उस पर प्रधानमंत्री, बीजेपी के मंत्री, बीजेपी के मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हैं। इस स्वतंत्र भारत में बीजेपी के राज में क्या हो रहा है, इस पर सभी चुप्पी साधे हैं। लगातार किसानों की दुर्दशा और आत्म हत्याएं लगातार चल रही हैं। सरकार इसे महत्वपूर्ण नहीं समझती। देश में दलितों और अल्पसंख्यकों की बेदर्दी से हत्याएं हो रही हैं, इस पर बीजेपी के ना तो सीएम एक्शन लेते हैं और ना ही केंद्र सरकार कोई एक्शन लेती है।


गुलाम नबी आजाद ने कहा, सरकार बहरी है इसलिए उसे महिलाओं की, गरीबों की, दलितों की और अल्पसंख्यकों की चीख सुनाई नहीं दे रही है। सीमा की सुरक्षा, जीडीपी में गिरावट इस पर सरकार कोई ध्यान हीं दे रही।


गुलाम नबी आजाद ने कहा, मैं अपनी पार्टी, उस सभी पत्रकारों, बुद्धिजीवियों ने देशभर में जो विरोध प्रदर्शन किया उसके लिए मैं उन्हे बधाई देता हूं। देश में भीड़ द्वारा हत्याएं अल्पसंख्यकों की हो रही हैं लेकिन इसके खिलाफ प्रदर्शन बहुसंख्यकों ने किया। इससे साफ होता है कि देश में अभी सेकुलिरिज्म जिंदा है। केंद्र सरकार सोई है।