'दलित आंदोलन के नाम पर कांग्रेस, सपा, और बसपा हिंसा का ले रही हैं सहारा'

नई दिल्ली (08 अप्रैल): एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलितों के प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस से झड़प हुई थी। दो अप्रैल को एससी-एसटी ऐक्ट को लेकर भारत बंद का आह्वान हुआ था। पूरे देश में जगह-जगह दलित संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया था। आंदोलन की आड़ में जगह-जगह हिंसक घटनाएं हुई थीं। कई पुलिसवाले और आम नागरिक भी संघर्ष में घायल हुए थे। 

इस बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस, सपा, और बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कि तीनों पार्टियां दलित आंदोलन के नाम पर हिंसा का सहारा ले रही है। रविशंकर प्रसाद ने आगे बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कि बसपा में दलितों का उत्थान नहीं हुआ बल्कि एक परिवार का उत्थान हुआ है। 

दलित आंदोलन के बाद स्थिति देखने में भले ही सामान्य नजर आ रही हो। लेकिन इस आंदोलन को लेकर उठी चिंगारी को शांत करने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रात दिन जूझ रहे हैं। स्थिति ये है कि दिन भर बैठकों और फ्लैग मार्च की मशक्कत के चलते कलक्ट्रेट सूना पड़ा हुआ है। जहां कभी धरना प्रदर्शन और शिकायकर्ताओं की भीड़ नजर आती थी, उसकी जगह अब पुलिस फोर्स नजर आ रही है। अधिकारी भी दिन भर बैठकों के दौरान 14 अप्रैल तक किसी तरह शांति कायम रहे, इसकी रणनीति बनाने में जुटे हैं।