मैदान में राहुल गांधी, कांग्रेस को करेंगे मजबूत

रमन कुमार, नई दिल्ली ( 31 मई ): देश में कांग्रेस सत्ता के सियासी गलियारे में किनारे आ चुकी है। उसके पास सबसे बड़ा राज्य कर्नाटक ही बचा है। वो वहां सत्ता में दोबारा वापसी की तैयारी में हैं। इसके लिए उसने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष जी परमेशवर पर दांव लगाया है। लेकिन सियासी जंग जीतने के लिए राहुल गांधी ने नई रणनीति के साथ उतरने का दांव चल दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, जून महीने में राहुल कर्नाटक राज्य के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इसके बाद जुलाई महीने में राज्य में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हर ब्लॉक के अध्यक्ष और एक बूथ संयोजक को न्योता दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो करीब 80 हज़ार कार्यकर्ताओं को राहुल इस तरह संबोधित करेंगे।

इसी के साथ कर्नाटक में कांग्रेस अपना प्रचार अभियान शुरू करेगी। बात सीधी है कि, राहुल संगठन की मजबूती पर ध्यान देंगे। कार्यकर्ताओं से रिश्ता मज़बूत करेंगे। लेकिन राज्य के सियासी चुनाव में मोदी से टकराने की बजाय राज्य के बीजेपी नेतृत्व से राज्य का कांग्रेस नेतृत्व टकराएगा। इसी रणनीति के तहत बूथ मैनेजमेंट में राहुल भूमिका निभाएंगे, लेकिन सियासी गणित मोदी से टकराने के बजाय राज्य बीजेपी यूनिट से टकराने का होगा।

तय है कि, कर्नाटक के 80 हज़ार पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर राहुल पार्टी संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे। पर सियासी लड़ाई में राज्य में राहुल केंद्र में नही होंगे। कुल मिलाकर अब कांग्रेस चुनाव को राहुल बनाम मोदी करने की बजाय राज्य बीजेपी नेतृत्व बनाम राज्य कांग्रेस नेतृत्व करने को तैयार है।