अमेरिका में राहुल गांधी ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- वो मुझसे अच्छे वक्ता

नई दिल्ली(12 सितंबर): कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बर्कले की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में छात्र को संबोधित किया। राहुल ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने नोटबंदी, कश्मीर नीति, विदेशनीति पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। वहीं राहुल ने स्वच्छ भारत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मेरे से अच्छे वक्ता हैं।

- राहुल गांधी ने कहा कि राइट विंग नेता कह रहे हैं कि एक जगह जाओ। मेरे नाना ने भी यहां पर भाषण दिया था, आपने मुझे भी बुलाया उसके लिए थैंक्यू। भारत के एक बड़ा देश है, अगर कोई कहता है कि वह भारत को समझता है तो बेवकूफ है। भारत के पास आज कई राज्य हैं, कई प्राकृतिक संसाधन है। जो लोग सोच रहे थे कि भारत आगे नहीं बढ़ सकता है वो सभी गलत साबित हुए।

- कश्मीर मुद्दे पर बोले राहुल गांकश्मीर मुद्दे पर राहुल ने कहा कि 9 साल मैंने मनमोहन सिंह, चिंदबरम, जयराम नरेश के साथ मिलकर कश्मीर पर काम किया। जब मैंने शुरू किया था तब कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था, 2013 में मैंने मनमोहन को गले लगाकर कहा कि आप की सबसे बड़ी सफलता कश्मीर में आतंकवाद को कम करना है। हमनें इस पर बड़े भाषण नहीं दिए, हमनें वहां पर पंचायती राज पर काम किया, छोटे लेवल पर लोगों से बात की।

- अगर कश्मीर में सुरक्षाकर्मी में मेरे पास खड़े हैं, तो मतलब कश्मीर में कुछ ठीक नहीं है। लेकिन 2013 में मेरे साथ सुरक्षाकर्मी नहीं बल्कि लोग खड़े थे। पर 2014 में फिर कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत पड़ गई। हमनें एंटी इंडिया की सोच को खत्म किया। कश्मीर में कई पार्टियां हैं, PDP ने नए लोगों को राजनीति में लाने का काम किया लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन के बाद ये चीज बंद हुई। अब वो ही युवा लोग आतंकवादियों के पास जा रहे हैं। बीजेपी ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए कश्मीर का नुकसान किया।

-राहुल ने कहा कि मैं विपक्ष का नेता हूं लेकिन मोदी मेरी भी पीएम हैं। PM मोदी मेरे से भी अच्छे वक्ता हैं वह लोगों को मैसेज देना जानते हैं। लेकिन वो बीजेपी के नेताओं की भी नहीं सुनते हैं। स्वच्छ भारत एक अच्छा आइडिया, मुझे भी पसंद है। आज रूस पाकिस्तान को हथियार बेच रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ ऐसा पहले नहीं होता था। नेपाल, बर्मा, श्रीलंका, मालदीव में चीन का दबदबा बढ़ रहा है, विदेश नीति में बैलेंस करना जरूरी है। अमेरिका के साथ दोस्ती करना जरूरी लेकिन दूसरे देशों से भी रिश्ते बनाना जरूरी है।

- राहुल ने कहा कि मैं अमेरिका से काफी कुछ सीखा और अब भारत में अप्लाई कर रहा हूं। लेकिन आप भारत में सीधे तरीके से उस चीज को अप्लाई नहीं कर सकते हैं। मैंने इकॉनोमिक्स पढ़ी लेकिन अब मेरे काम में वह चीज काफी कम आती है।