कांग्रेस ने की बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग

नई दिल्ली (17 मार्च): राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी 84वां महाअधिवेशन मना रही है, जो राहुल गांधी की अध्यक्षता में हो रहा है। इसका उद्देश्य मोदी सरकार के खिलाफ 2019 में होने वाले आम चुनावों के लिए तैयारी करना और कार्यकर्ताओं को सही मार्गदर्शन देना है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर विकास के लिए काम करने की बजाय गुस्से का माहौल पैदा करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस के 84वें महा अधिवेशन में देशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उनका काम देश को लड़ाना है, समाज को तोडऩा और बांटना है लेकिन कांग्रेस का काम देश को जोडऩे का है। 

महाअधिवेशन में कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग को मतपत्र के पुराने तरीके (बैलट पेपर) को फिर से लागू करना चाहिए क्योंकि अधिकतर दलों एवं आम लोगों के मन में भारी आशंकाएं हैं।

इसके अलावा कांग्रेस ने देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की मांग को नकार दिया है। कांग्रेस ने आगाह किया ​कि एक साथ चुनाव करवाये जाने के गंभीर परिणाम होंगे। पार्टी ने अपने इस प्रस्ताव में चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी कुछ आशंकाएं व्यक्त ​की है। इसमें कहा गया, 'जनमत के विपरीत परिणामों में हेराफेरी करने के लिए ईवीएम के दुरूपयोग को लेकर राजनीतिक दलों एवं आम लोगों के मन में भारी आशंका है।'