अमेरिका में पीएम मोदी के विपक्ष की आलोचना पर भड़की कांग्रेस

नई दिल्ली(26 जून): कांग्रेस ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला है। मोदी-ट्रंप मुलाकात से ठीक पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को अमेरिकी राष्ट्रपति से भारत के अहम मुद्दों को साहसपूर्ण तरीके से उठाने की नसीहत भी दी है। अमेरिका में भारतीय समुदाय से रुबरू होने के दौरान रविवार रात पीएम के दिए भाषण पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी का यह तल्ख रुख जाहिर किया। उनका कहना था कि तीन साल में अपनी 64वीं विदेश यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मोदी घर के मुखिया हैं और इस नाते उनकी मर्यादा व जिम्मेदारी कहीं ज्यादा है। मगर पीएम ने भारतीय समुदाय से रुबरू होने के दौरान इस मर्यादा का पालन नहीं किया। इसीलिए विवश होकर कांग्रेस को मोदी के विदेश में रहते हुए उन्हें सच्चाई का आइना दिखाना पड़ रहा है।


- सुरजेवाला ने कहा कि पीएम ने अपनी उपलब्धियां बताने में नीम कोटेड यूरिया, डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर जैसे उदाहरण गिनाए। मगर वे इस सच्चाई को छुपा गए कि कांग्रेस की अगुआई में यूपीए ने जनवरी 2013 में इसे शुरू किया और 35 फीसद काम तभी हो गया था। इसी तरह डीबीटी भी यूपीए की ही देन है जिसे 2011 में शुरू किया गया और मोदी सरकार ने अच्छी बात है कि इसे आगे बढ़ाया। मगर विपक्षी दलों को विदेश में अपमानित करने के दौरान पीएम ने यह सच्चाई वहां के भारतीय समुदाय से नहीं बताई।


- कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि तीन साल में पीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए अपने कदम गिनाए। मगर इस हकीकत को बयान नहीं किया कि सीबीआई, ईडी और लोकपाल जैसे भ्रष्टाचार निरोधी संस्थाओं के आंख-नाक और कान बांध रखे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि बात इतनी नहीं बल्कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों से लेकर मीडिया की आवाज को दबाने के लिए करते हैं और हालात अघोषित इमरजेंसी जैसे हैं।


- पीएम पर प्रहार करने के दौरान कांग्रेस नेता ने व्यापम घोटाले में घिरे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पीडीएस घोटाले को लेकर छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, राजस्थान की सीएम वसुंधरा के कथित खान घोटाले से लेकर ललित मोदी और विजय माल्या को विदेश भगाने के मुद्दे का जिक्र किया।


- सुरजेवाला ने कहा कि विदेश में चुनावी सभा जैसे भाषण देने की बजाय पीएम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारतीयों के एच1बी वीजा के विवाद को साहसपूर्ण तरीके से उठाना चाहिए। इतना ही नहीं पाकिस्तान को सैकड़ों करोड डालर की अमेरिकी मदद जिसका वह भारत में आतंकवाद फैलाने में इस्तेमाल कर रहा है को बंद करने पर बात करने की जरूरत है।