चीफ जस्टिस को हटाने के लिए कांग्रेन ने बताई ये 5 वजहें

नई दिल्ली (20 अप्रैल): चीफ जस्टिस के खिलाफ 7 दलों ने महाभियोग का नोटिस दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि उपराष्ट्रपति महाभियोग स्वीकार करें। इसी के साथ कांग्रेस ने चीफ जस्टिस के प्रशासनिक फैसलों पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस ने कहा कि जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी कुछ नहीं बदला है, हमने CJI को हटाने के लिए 5 वजहें बताईं है।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, ''हम लोग ये प्रस्ताव एक हफ्ते पहले ही पेश करना चाहते थे, लेकिन उपराष्ट्रपति जी के पास समय नहीं था। आज हमने राज्यसभा की 7 राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर राज्यसभा चेयरमैन को महाभियोग का प्रस्ताव सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि 71 सांसदों के हस्ताक्षरों के साथ ये प्रस्ताव सौंपा है। इनमें 7 रिटायर हो चुके हैं। हालांकि, फिर भी यह जरूरी संख्या से अधिक है। ये प्रस्ताव 5 बिंदुओं के आधार पर पेश किया गया है।

इन पांच आधारों पर लाया गया महाभियोग

1. मुख्य न्यायाधीश के पद के अनुरुप आचरण ना होना, प्रसार ऐजुकेशन ट्रस्ट में फायदा उठाने का आरोप. इसमें मुख्य न्यायाधीश का नाम आने के बाद सघन जांच की जरूरत.

2. प्रसार ऐजुकेशन ट्रस्ट का सामना जब CJI के सामने आया तो उन्होंने CJI ने न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को किनारे किया.

3. बिना तारीख के फैसला जारी करना.

4. जमीन का अधिग्रहण करना, फर्जी एफिडेविट लगाना और सुप्रीम कोर्ट जज बनने के बाद 2013 में जमीन को सरेंडर करना.

5. कई संवेदनशील मामलों को चुनिंदा बेंच को देना.