राज्यसभा में पीएम मोदी पर जमकर बरसे आनंद शर्मा, विदेश दौरों पर घेरा

नई दिल्ली(3 अगस्त): राज्यसभा में विदेश नीति पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों और भारत की वर्तमान विदेश नीति की जमकर आलोचना की।

-  डोकलाम में चीन के साथ जारी तनाव, पाकिस्तान और नेपाल के साथ रिश्ते को लेकर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार को घेरा। 

- आनंद शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी को संसद में बताना चाहिए कि उनके 65 विदेश दौरों का क्या नतीजा निकला? शर्मा ने कहा, 'पीएम विदेशों के नेताओं से झप्पी डाल कर मिलते हैं। इस सबका फायदा तब है जब कुछ हासिल हो।' 

- शर्मा ने आरोप लगाया कि पीएम ने संसद को अपने एक भी विदेश दौरे की जानकारी नहीं दी। नेपाल और रूस से भारत के रिश्तों के बदलते समीकरण पर भी आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर हमला बोला।

- मोदी के विदेश दौरों पर अकेले जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत प्लेन के लैंड करने के बाद भारतीय राजनयिक पीएम को रिसीव करता है। शर्मा ने ताना मारा, 'पीएम को कैमरे के फ्रेम की चिंता होती है इसलिए अधिकारियों को ऊपर जाकर रिसीव न करने की हिदायत है।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को भारत द्वारा अलग-थलग किए जाने के दावे गलत हैं। भारत को इस तरह के दावों से बचना चाहिए।

शर्मा ने और क्या कहा...

-पाकिस्तान का अलग-थलग होने का दावा गलत दावा है। पाक-चीन के बीच, पाकिस्तान-तुर्की के बीच अच्छे रिश्ते नहीं हैं? पाकिस्तान कई देशों के साथ सैन्य अभ्यास कर रहा है या नहीं? 

-हमने पाकिस्तान को किनारे कर दिया है, ऐसे बयान क्यों दिए जाते हैं जब हम वैश्विक रूप से महाशक्ति बनना चाहते हैं।

-पूरी दुनिया भारत-पाकिस्तान को एक साथ देखती थी, लेकिन हम यह नजरिया बदलने में कामयाब रहे थे। अब फिर से पूरी दुनिया की नजर भारत-पाक पर है। 

-आपकी (केंद्र सरकार) पॉलिसी बदलती रहती है। पहले आप कहते हैं कि बातचीत करेंगे फिर एकाएक बातचीत बंद कर दी जाती है। 

-पीएम मोदी अफगानिस्तान दौरे को नाटकीय बनाते हुए पाकिस्तान चले गए। प्रधानमंत्री ने बताया नहीं कि पाकिस्तान के साथ क्या बात हुई?

-65 देशों का दौरा कर चुके पीएम ने सदन को नहीं बताया कि इनसे क्या मिला? पीएम मोदी का शौक है अकेले जाना, मजबूरी में ही मंत्री को ले जाते हैं।

-पीएम ने अमेरिका में कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को झुका दिया, अजीब बात है दुनिया मान गई पड़ोसी नहीं मान रहा। 

-1971 में सेना की सबसे बड़ी जीत हुई थी, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कभी ऐसा बयान नहीं दिया। आपने कभी उनका (इंदिरा गांधी) का नाम भी नहीं लिया। आपकी राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन आप इतिहास दोबारा नहीं लिख सकते।

-पीएम ने एक बार भी नहीं बताया कि शी चिनफिंग से उनकी क्या बात हुई? क्या यह जानने का देश को अधिकार नहीं है?

-हमें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे हमारे रिश्ते नेपाल के साथ बिगड़े। नेपाल के लिए हमारा रवैया बड़े भाई वाला नहीं होना चाहिए था। 

-चीन ने वन बेल्ट वन रोड के जरिए हमारे पड़ोसियों को साधा है। हमारे पड़ोसी देशों ने भी इसे आर्थिक मौके के रूप में लिया है। मैं जानना चाहता हूं कि चीन को लेकर सरकार की अभी क्या नीति है?