'बीजेपी के बांटने वाले नारों और RSS के ज़मीनी काम की वजह से असम में कांग्रेस हारी'

आगरा (19 मई) : एक्टर और कांग्रेस नेता राज बब्बर ने माना है कि चुनावी विजयों के मामले में कांग्रेस ख़राब दौर से गुज़र रही है। राज बब्बर के मुताबिक कांग्रेस को कम आंकने की कोशिश करने वाले ये ना भूलें कि हालिया पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस ने बीजेपी से कहीं अधिक सीटें हासिल की हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक राज बब्बर ने असम में कांग्रेस की हार के लिए 'आरएसएस के ज़मीनी काम' और 'बीजेपी के बांटने वाले चुनावी नारों की जुगलबंदी' को ज़िम्मेदार ठहराया। राज बब्बर ने इन नारों में बांग्लादेशियों के ख़िलाफ़ नारों को खास तौर पर इंगित किया। राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस हिंदू-मुस्लिम लाइन पर वोट नहीं मांगती है। राज बब्बर ने कहा कि अमित शाह जैसे नेताओं ने अपने भाषणों से जिस तरह भय की मानसिकता दिखाई उससे कांग्रेस को धर्मनिरपेक्ष वोटों के एक वर्ग को खोना पड़ा।   

राज बब्बर ने कहा कि आरएसएस बड़ी योजना के साथ कांग्रेस मुक्त भारत के अपने नारे पर काम कर रहा है। और जिन कांग्रेस शासित राज्यों में चुनाव होने हैं, उन्हें खास तौर पर निशाने पर ले रहा है।

राज बब्बर ने कहा कि इन पांच राज्यों के नतीजों को उत्तर प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं पर कोई असर नहीं होगा। राज बब्बर के मुताबिक यूपी में मुद्दे बिल्कुल अलग हैं और यहां सत्ता विरोधी (एंटी इंकुम्बेंसी) जैसा कोई फैक्टर कांग्रेस के ख़िलाफ़ काम नहीं करेगा, जैसे कि असम में हुआ जहां पार्टी पिछले 15 साल से सत्ता थी। राज बब्बर ने कहा कि यूपी में कांग्रेस भ्रष्टाचार और जातिवाद से लड़ाई के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने की संभावना संबंधी सवाल पर राज बब्बर ने कहा कि ये फैसला लेना उन पर और गांधी परिवार पर निर्भर करता है। ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर पार्टी को फायदा होगा। राज बब्बर ने कहा कि पार्टी यूपी में किसी को सीएम उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं करेगी। पार्टी की विचारधारा ही उसका राज्य में चेहरा होगा।