ईवीएम में गड़बड़ी के मामले को लेकर चुनाव आयोग से मिलेंगे कांग्रेस नेता

नई दिल्ली ( 1 अप्रैल ): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद बहुजन समाज पार्टी की मुख्यिा मायावती ने ईवीएम में गड़बड़ी का मामला उठाया था, जो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कांग्रेस अब ईवीएम फ्रॉड की शिकायत चुनाव आयोग में करने जा रही है। कांग्रेस नेताओं का एक समूह शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलेगा।


शुक्रवार को डमी EVM और VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) पर सवाल उठ गए। मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ और अटेर में विधानसभा उपचुनाव होने हैं। अटेर विधानसभा उप चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचीं राज्य की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने जब डमी EVM के दो अलग-अलग बटन दबाए तो VVPAT से कमल के निशान का प्रिंट निकला। 


मशीनों की जांच के दौरान पहले EVM का चौथे नंबर का बटन दबाया गया। VVPAT से निकली पर्ची पर सत्यदेव पचौरी का नाम और कमल का फूल छपा था। फिर से कोई दूसरा बटन दबाया गया। इस पर भी कमल का फूल छपा। हालांकि, तीसरी बार जब एक नंबर का बटन दबाया तो पंजा निकला।


जब मीडियाकर्मियों ने इस गड़बड़ी पर अधिकारी सलीना सिंह से सवाल किए तो उन्होंने हलके अंदाज में कहा, "खबर छापी तो थाने भिजवा दूंगी।"


इसके बाद लहार के एमएलए डॉ. गोविंद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया, "बीजेपी EVM में गड़बड़ी करके बाई इलेक्शन जीतना चाहती है। उन्होंने कहा कि सलीना सिंह से ट्रांसपेरेंसी की उम्मीद नहीं है।"


सलीना ने मामले पर कहा, "एमपी में पहली बार EVM के साथ VVPAT मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग वोटिंग के बाद 7 सेकंड तक दिए गए वोट को देख सकेंगे। यह इलेक्शन के लिए पूरी तरह सेफ है।"