राफेल डील पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिया बड़ा बयान


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राफेल जहाजों के सौदे पर अब भी घमासान जारी है एक तरफ जहां बीजेपी आक्रामक रुप से कांग्रेस पर हमला कर रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अब केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को भी अंधेरे में रखने का इल्जाम लगा रही है।




राफेल डील पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस के सीनियर नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोलकाता में मीडिया के सामने एक बड़ा बयान दे डाला है और ये कहा कि राफेल डील से बड़ा भ्रष्टाचार का खुला मुद्दा आजतक सामने नहीं आया है इसमें मोदी सरकार और उनके लोग शामिल हैं सिंघवी ने इल्जाम लगाया कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के साथ भी जालसाजी की है जो अदालत की अवमानना है इस सरकार ने संसद का भी अपमान किया है इसलिए हमलोगों ने संसद में विशेषाधिकार का नोटिस दिया है।




 मीडिया से बात करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने ये भी कहा कि यह राष्ट्रीय हित के साथ खिलवाड़ है  इसलिए हमलोग जेपीसी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में 36 राफेल जहाजों की कीमत 18940 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़ कर 60145 करोड़ रुपया हो गया है। 36 जहाजों के दाम में 40-41 हजार करोड़ रुपये का फर्क कैसे हो गया। इसके बारे में कोई नहीं बता रहा है। कोई भी यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि आखिर राफेल जहाजों के दाम इतना कैसे बढ़ गये।



मनु सिंघवी ने कहा कि राफेल बनाने वाली फ्रांसिसी कंपनी दिसॉल्ट और हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड (हॉल) के बीच एक लिखित समझौता हुआ था, लेकिन इसके बावजूद एक बड़े कॉरपोरेट घराने को यह ठेका दे दिया गया। यह कैसे हुआ, यह सबसे बड़ा रहस्य भी है और खुलासा भी।




उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि राफेल डील के बारे में पीएसी और सीएजी को बता दिया गया है, लेकिन जब यह झूठ पकड़ा गया तो अब उसे सुधारने की कोशिश की जा रही है। सरकार की तरफ से अदालत को बताया गया है कि टाइपिंग की गलती से यह सब हो गया।