अमित शाह पर कांग्रेस के आरोपों का नाबार्ड ने दिया ये जवाब

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जिस सहकारी बैंक में निदेशक हैं, उसमें नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा पुराने नोट जमा किए गए हैं। इसपर नाबार्ड ने जवाब देते हुए कहा है कि नोट जमा करने के लिए आरबीआई के नियमों का पालन किया गया है।नाबार्ड ने यह भी कहा कि इस दौरान गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा 500 और 1000 के पुराने नोट जमा हुए। नाबार्ड ने कहा कि नोटबंदी के दौरान अहमदाबाद के जिला सहकारी बैंक के ज्यादातर ग्राहकों ने बंद नोट बैंक में जमा किए। वित्तीय फर्म के मुताब‍िक बैंक में कुल 17 लाख खाते हैं। इस दौरान सिर्फ 1.60 लाख ग्राहकों ने पुराने नोट जमा किए या बदले। यह आंकड़ा कुल जमा खातों का 9.7 फीसदी है। इनमें से 2.5 लाख रुपये से भी कम पैसे 98.94% खातों में जमा किए गए। सिर्फ 0.09 फीसदी खातों में 2.6 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पुराने नोटों में जमा किए गए थे।नाबार्ड ने बताया कि नोटबंदी के दौरान 1.60 लाख ग्राहकों की तरफ से बंद नोट में 746 करोड़ रुपये जमा किए गए या बदले गए। यह कुल जमा राश‍ि का सिर्फ 15 फीसदी है। नाबार्ड ने यह भी बताया कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोट गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में ज्यादा जमा हुए और बदले गए। अहमदाबाद का सहकारी बैंक 9000 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ देश के टॉप 10 जिला सहकारी बैंकों में से एक है।बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फेंस में नोटबंदी को इस देश का सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने इस दौरान आरोप लगाया कि गुजरात में बीजेपी नेताओं द्वारा चलाए जा रहे 11 जिला सहकारी बैंकों में नोटबंदी के दौरान सिर्फ 5 दिनों में 14,300 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।