पाकिस्तान में टीवी-रेडियो पर नहीं दिखेंगे कॉन्डोम के विज्ञापन

इस्लामाबाद (28 मई) :  पाकिस्तान में टीवी और रेडियो चैनल्स पर कॉन्डोम के विज्ञापनों पर बैन लगा दिया गया है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) ने सभी मीडिया आउटलेट्स को इस हफ्ते नोटिफिकेशन भेज कर गर्भ निरोधक और परिवार नियोजन उत्पादों के विज्ञापनों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए कहा है।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ये फैसला कई शिकायतें मिलने के बाद लिया गया। पेमरा ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इस तरह के विज्ञापनों को 'अवांछित'  करार दिया।  

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि आम लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस तरह के उत्पादों के विज्ञापन बच्चे देखते हैं तो उनके बारे में सवाल करते हैं। इसलिए अनेक अभिभावकों ने इस तरह के विज्ञापनों के प्रसारण पर नाराज़गी जताते हुए बैन लगाने की मांग की है।  

रेग्युलेटरी बॉडी ने मीडिया संगठनों को चेतावनी दी है कि अगर पेमरा क़ानूनों का उल्लंघन हुआ तो क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पाकिस्तान में गर्भ निरोधकों के विज्ञापन कम ही देखे जाते हैं। पेमरा ने बीते साल कॉन्डोम के एक खास ब्रैंड के विज्ञापन पर बैन लगाया था। उस विज्ञापन को अनैतिक और धार्मिक मानकों के ख़िलाफ़ बताया गया था।

वहीं एक तरफ पाकिस्तान में एक वर्ग ऐसा भी है जो कह रहा है कि अगर देश की आबादी ऐसे ही बढ़ती रही तो हालात बद से बदतर होते जाएंगे। देश के पास इतने संसाधन नहीं जो इतनी बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त हो पाएंगे। पाकिस्तान की आबादी 1.8 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है। 2030 तक पाकिस्तान की आबादी 24 करोड़ के पार हो जाएगी। ऐसे में पाकिस्तान 2030 तक सर्वाधिक मुस्लिम आबादी के मामले में इंडोनेशिया को भी पीछे छोड़ देगा।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पाकिस्तान की एक तिहाई आबादी के पास बर्थ कंट्रोल के साधनों तक पहुंच नहीं है। पाकिस्तान में 94,000 एचआईवी मरीज़ हैं। दक्षिण एशिया में पाकिस्तान एचआईवी मरीजों के मामले में दूसरा सबसे बड़ा देश है। इनके अलावा बड़ी संख्या में लोग एसटीडी( सेक्स संक्रमित रोग) से पीड़ित हैं। एचआईवी समेत एसटीडी मरीजों का बड़ी संख्या में होना असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से है।