'पाक में संसदीय सिस्टम फेल, कश्मीर का हल सरकार के बस की बात नहीं'

नई दिल्ली (5 नवंबर): पाकिस्तान की सरकार और सिस्टम को पाकिस्तानी मीडिया आईना दिखाने लगा है। 4 नवंबर के द नेशन अखबार ने लिखा है कि जिस देश में सरकार और विपक्षी दल एक पनामागेट मामले की जांच के लिए ज्वाइंट टर्म्स ऑफ रेफरेंस नहीं बना सकते वो देश की सरकार 70 साल पुराने कश्मीर मसले को भारत के साथ एक टेबुल बैठकर कैसे सुलझा सकती है।

अखबार ने लिखा है कि पाकिस्तान की संसदीय व्यवस्था लगभग समाप्त हो चुकी है। जनता के चुने हुए प्रतिनिधि अपने मामलों के निपटारे के लिए तीसरे पक्ष के मोहताज हैं। पनामागेट की जांच के लिए पिछले सात महीनों में सरकार और विपक्षी दलों के बीच कोई सहमति नहीं बनी। सुप्रीम कोर्ट के सामने भी सरकार और विपक्ष एक ज्वाइंट टर्म्स ऑफ रेफरेंस नहीं दे सके। अब तीसरा पक्ष यानी कोर्ट संसदीय मामले की जांच के लिए अपने स्तर से टर्म्स ऑप रेफरेंस बना रहा है।