नए साल में बढ़ सकती है आपकी मुश्किलें, 31 दिसंबर तक जरूर निपटा लें ये काम



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 दिसंबर): साल 2018 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। साल 2018 के बीतने और नए साल 2019 के आने अब महज चंद दिन बचे हैं। ऐसे में आपको नए साल में कोई टेंशन न हो इसके लिए आपको 31 दिसंबर तक कुछ जरूरी वित्तीय कामों को जरूर निपटा लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने से 31 दिसंबर 2018 के बाद यानी 1 जनवरी 2019 से आपको मुश्किलें हो सकती है।



इस साल इन कामों को जरूर निपटा लें...


- अगर आपने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो 31 दिसंबर से पहले-पहले जरूर अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर लें। दरअसलन्यू इनकम टैक्स लॉ (सेक्शन 234F) के मुताबिक 31 दिसंबर तक जो लोग अपना ITR फाइल नहीं करेंगे उनके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। मौजूदा कानून के मुताबिक इसके बाद ITR फाइल करने वालों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि जिन लोगों की इनकम 5 लाख रुपये से कम है उनपर अधिकतम 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।



- 27 अगस्त 2015 को आरबीआई ने एक सर्कुलर जारी कर 31 दिसंबर 2018 तक सभी बैंकों से अपने ग्राहकों के मैग्नेटिक स्ट्राइप वाले कार्ड के बदले EMV (यूरोपे, मास्टरकार्ड और वीजा) बेस्ड चिप कार्ड से बदलवाने के लिए कहा था। जिन लोगों ने अबतक मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड के बदले चिप बेस्ट कार्ड नहीं लिया है वो 31 दिसंबर के बाद एटीएम से लेनदेन नहीं कर पाएंगे। 31 दिसंबर की डेडलाइन के बाद मैग्नेटिक स्ट्राइप वाले सभी कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे। अगर आपने अभी तक ईएमवी चिप बेस्ड कार्ड के लिए अप्लाई नहीं किया है तो 31 दिसंबर से पहले इसको कर दें। गौरतलब है कि तमाम बैंक ईएमवी बेस्ड कार्ड अपने ग्राहकों को मुफ्त में उपलब्ध करा रही है।


- आरबीआई तमाम बैंकों को  अपने ग्राहकों को सीटीएस-2010 वाले चेक बुक जारी करने का निर्देश दिया है। अगर ग्राहक बैंक के पास फंड ट्रांसफर जैसे कामों के लिए नॉन-सीटीएस चेक जमा कराता है तो चेक की क्लियरेंस में देरी होगी। 1 सितंबर, 2018 से प्रभावी भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के मुताबिक, नॉन-सीटीएस चेक की क्लियरेंस की अवधि को एक महीने में 'एक बार' यानी प्रत्येक महीने के दूसरे बुधवार को कर दिया गया है। हालांकि, 31 दिसंबर, 2018 के बाद, नॉन-सीटीएस चेक क्लियरेंस के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे।



- SBI ने 1 दिसंबर 2018 से उन ग्राहकों की इंटरनेट बैंकिंग सेवा बंद कर दी है जिनके मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं हैं। एसबीआई ने अपने ग्राहकों से 'Online SBI' वेबसाइट के जरिए मोबाइल नंबर को रजिस्टर करने के लिए कहा था। अगर आप अपनी नेट बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं तो आप अपने होम ब्रांच या एसबीआई की किसी भी नजदीकी ब्रांच में जाकर अपना मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट के साथ रजिस्टर करा लीजिए।



- SBI ने अपना मोबाइल वॉलिट ऐप SBI Buddy 30 नवंबर 2018 से बंद कर दिया है। इस ऐप में बिल पेमेंट, रीचार्ज और मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं मिलती थीं। अगर आप इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे थें और आपके पैसे अभी भी वॉलिट में पड़े हैं तो आप एसबीआई की नजदीकी ब्रांच में जाकर अपना रीइंबर्समेंट क्लेम कर लें।