CWG 2018: एक जीत से ही पदक अपने नाम कर लेंगी मैरी कॉम

नई दिल्ली (03 अप्रैल): ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को अपने देश के मुक्केबाजों से बहुत उम्मीदें हैं। इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष टीम में आठ में से सात मुक्केबाज पहली बार इन खेलों में शिरकत करेंगे। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को मंगलवार को यहां काफी आसान ड्रॉ मिला, जिसमें दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम को पदक जीतने के लिए महज एक मुकाबला जीतने की जरूरत पड़ेगी, जबकि विकास कृष्णन को पुरुषों के प्री-क्वॉर्टरफाइनल्स में बाई मिली है।

यह पहली बार होगा जब मैरीकोम राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगी। उन्होंने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। मैरी कॉम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन महिला चैंपिनशिप में अभी स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी पांच बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरीकोम से भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड की उम्मीद है।

मेरीकॉम आठ अप्रैल को 48 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में स्कॉटलैंड की मेगन गोर्डन से भिड़ेंगी। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में खेल रहीं मणिपुर की 35 साल की खिलाड़ी एक ऐसे ड्रॉ में गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार हैं जिसमें केवल आठ मुक्केबाज शामिल हैं।