ब्लैकमनी के बाद'शाह' का सरेंडर, बोला- मेरा नहीं था 13860 करोड़, मैं सिर्फ लेता था कमीशन

नई दिल्ली (3 दिसंबर): 13 हजार 860 करोड़ की ब्लैक मनी घोषित करने वाले मुकेश शाह ने आज सरेंडर कर दिया। अहमदाबाद का रहनेवाला शाह कई दिनों से गायब था। सितंबर में इनकम टैक्स डिक्लेरेशन स्कीम के तहत इसने 13 हजार 860 करोड़ के कालेधन का ऐलान किया था। इस पर 45 फीसदी टैक्स की पहली किस्त इसे 30 नवंबर तक चुकानी थी, लेकिन इससे पहले ही शाह गायब हो गया। शाह ने आज बेहद नाटकीय अंदाज में एक न्यूज चैनल के स्टूडियो में सरेंडर किया।

13 हजार करोड़ से भी ज्यादा की ब्लैकमनी घोषित करने वाले जिस महेश शाह को इऩकम टैक्स की टीम दिन रात तलाश रही थी, वो सामने आ गया है। जिस तरह शाह ने अचानक गायब होकर सबको हैरान कर दिया था, उसी तरह वापस आकर भी उसने चौंका दिया। महेश शाह का दावा है कि उसने 13 हजार करोड़ की जिस ब्लैकमनी का ऐलान किया था, वो उसकी नहीं थी। ये अफसरों, नेताओं और कारोबारियों की भ्रष्ट कमाई थी, जिसे उसने सफेद करने की कोशिश की थी।

शाह का दावा है कि इनकम टैक्स अधिकारियों के सामने वो उन तमाम लोगों का कच्चा चिट्ठा खोलेंगे, जिनकी ब्लैकमनी को उसने इनकम टैक्स की स्कीम के जरिए काले से सफेद करने की कोशिश की थी। इससे पहले आयकर विभाग महेश शाह की तलाश में 6 दिन से सर्च ऑपरेशन चला रहा था। जगह-जगह छापेमारी हो रही थी। इनकम टैक्स की टीम उसके हर ठिकाने की खाक छान रही थी, लेकिन आयकर विभाग को उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। आखिरकार महेश शाह ने मीडिया के सामने खुद सरेंडर कर दिया।

महेश शाह ने इनकम टैक्स की आईडीएस स्कीम के तहत अपनी मर्जी से कालाधन घोषित किया था। मोदी सरकार ने ऐलान किया था कि जो स्वेच्छा से 30 सितंबर तक अपने कालेधन का ऐलान करेगा, उससे 45 फीसदी टैक्स वसूलकर ब्लैकमनी को सफेद कर दिया जाएगा। इस स्कीम के तहत अहमदाबाद के प्रॉपर्टी डीलर महेश शाह ने 13 हजार 860 करोड़ रुपए के कालेधन का ऐलान किया था।

नियम के मुताबिक उसे घोषित आय के 45 फीसदी हिस्से की 25 प्रतिशत रकम यानी करीब 1560 करोड़ रुपए आयकर विभाग के पास जमा कराने थे। ये टैक्स की पहली किस्त थी। 30 नवंबर इसकी आखिरी तारीख थी, लेकिन महेश शाह ने ऐसा नहीं किया। जब आयकर विभाग ने शाह की खोजबीन शुरू की तो वो गायब मिला। इसके बाद इनकम टैक्स विभाग ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।