कर्म को सर्वोपरी मानता था यह कमांडो...

नई दिल्ली (19 जुलाई): बिहार में नक्सलियों और जवानों के बीच चले एक एनकाउंटर में मप्र का जवान मनोज चौरे अपनी बहादुरी के लिए जाना जाता था। वह अकसर फेसबुक पर अपने फोटोज शेयर करता था। फेसबुक के जरिये वह अपने दोस्तों से संपर्क में रहता था। वह कर्म को सर्वोपरी मानता था।

मनोज ने 27 मई को अपनी पोस्ट में लिखा-'ये जरूरी तो नहीं कि इंसान हर रोज मंदिर जाए। बल्कि कर्म ऐसे होने चाहिए कि इंसान जहां भी जाए, मंदिर वहीं बन जाए!' उल्लेखनीय है कि बिहार के औरंगाबाद-गया जिले के बॉर्डर पर सोनदाहा के जंगल में नक्सलियों ने सोमवार दोपहर लैडमाइन्स में ब्लास्ट कर दिया था। सर्च ऑपरेशन पर निकले कमांडोज ने इसके बाद नक्सलियों के साथ एनकाउंटर शुरू किया, जो देर रात तक चला। इस दौरान 10 जवान शहीद हो गए। इनमें मप्र के बैतूल जिले की मुलताई तहसील का रहने वाला जवान मनोज चोरे भी शहीद हो गया।

जंगल में फंसे रहे कोबरा के 60 जवान -50 से 60 जवान मंगलवार तक जंगल में फंसे रहे। सीआरपीएफ के डीआईजी कमल किशोर के मुताबिक, नक्सलियों के पास से भारी तादाद में एडवांस्ड वेपन्स और कारतूस मिले हैं।

जख्मी जवानों को लाया गया पटना - तीन घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से देर रात पटना लाया गया। दो जवानों को गया के एएनएमएमसीएच में भी भर्ती कराया गया है। - घायल जवानों को लाने के लिए मौके पर लैंड कर रहे हेलिकॉप्टर को नक्सलियों ने निशाना बनाकर गिराने की भी कोशिश की।